Asia Cup: हार्दिक के 3.3 ओवर में 3 विकेट, 83 पर धड़ाम पाकिस्तान
2016 के एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को बिल्कुल रौंद दिया था। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी धाराशायी हो गयी थी।
स्पोर्ट्स डेस्क, 25 अगस्त: 2016 के एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को बिल्कुल रौंद दिया था। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी धाराशायी हो गयी थी। उस समय आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी टी-20 में सबसे खतरनाक मानी जाती थी। लेकिन इस मैच में हार्दिक पांड्या ने कमाल की बॉलिंग की थी। यह टी-20 का ऐसा मैच था जिसमें कोई छक्का नहीं लगा था।

पाकिस्तान सिर्फ 83 पर ढेर
हार्दिक ने अपनी तेज गेंदबाजी से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। हार्दिक ने 3.3 ओवर में 3 विकेट लिये थे। पाकिस्तान पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाया था। 17.3 ओवर में ही 83 रन पर उसका बोरिया-बिस्तर बंध गया था। जिस टीम में मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, उमर अकमल, शाहिद आफरीदी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हों उसका 83 पर ऑलआउट होना बहुत आश्चर्य बात थी। भारत के खिलाफ टी-20 में पाकिस्तान का ये सबसे शर्मनाक प्रदर्शन था। पाकिस्तान 83 पर ऑलआउट तो हो गया लेकिन इसके बाद भारत के साथ जो हुआ वह भी कम हैरतअंगेज नहीं था।

हार्दिक ने 3.3 ओवर में 3 विकेट लिये
भारत के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी चुनी। पाकिस्तान के मोहम्मद हफीज और शारजिल खान ने पारी शुरू की। आशीष नेहरा ने मैच के पहले की ओवर में हफीज को 4 रनों पर आउट कर दिया। जसप्रीत बुमराह ने चौथे ओवर में शारजिल खान को 7 रनों पर पवेलियन की राह दिखायी। पाकिस्तान का स्कोर जब 32 रन था तब खुर्रम मंजूर रनआउट हो गये।
5.5 ओवर में पाकिस्तान के 32 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे। इसके बाद हार्दिक पांड्या का चमत्कारी स्पेल शुरू हुआ। उन्होंने शोएब मलिक को अपने आउटस्विंगर पर फंसाया। मलिक (4) धोनी को कैच देकर चलते बने। इसके बाद हार्दिक ने मोहम्मद सामी और मोहम्मद आमिर का विकेट लिया। उन्होंने 3.3 ओवर में सिर्फ 8 रन देकर 3 विकेट लिये।

भारत की लाजवाब गेंदबाजी
आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह की तेज गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज बिल्कुल बेबस नजर आये। बुमराह ने तीन ओवर में दो मेडन फेंके। उन्होंने 8 रन देकर एक विकेट लिया। नेहरा ने तीन ओवर में 20 रन खर्च किये और एक विकेट मिला। रवीन्द्र जडेजा ने 3 ओवर में 11 रन देकर 2 विकेट लिये। युवराज सिंह को एक विकेट मिला। अश्विन को छोड़ कर भारत के सभी गेंदबाजों को विकेट मिले। मीरपुर की इस पिच पर बैटिंग करना आसान नहीं था। तेज गेंदबाजों को पिच से भरपूर मदद मिल रही थी।

धोनी की शानदार कप्तानी
हैरत की बात ये थी कि स्पिनर भी इस पिच पर गेंद को टर्न कराने में कामयाब हुए। इसकी वजह से आक्रमक शॉट्स खेलना मुश्किल हो गया था। भारतीय गेंदबाजों ने पिच के हिसाब से गेंदबाजी की जिसमें पाकिस्तानी बल्लेबाज फंसते चले गये। धोनी ने पिच के भांप कर गेंदबाजी में बदलाव किये। नेहरा और बुमराह शानदार स्पेल कर रहे थे। लेकिन उन्होंने ने युवराज, जडेजा और अश्विन को भी मोर्चे पर लगाया। हार्दिक को तो चौथा ओवर भी दिया।

जब भारत की बैटिंग शुरू हुई तब...
अब तक यह जाहिर हो चुका था कि पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही है। उस समय पाकिस्तान के पास सामी और आमिर के रूप में दो जेनुइन फास्ट बॉलर थे। दोनों की रफ्तार 150KM/H से ऊपर थी। दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। गेंद बहुत तेज स्विंग हो रही थी। भारतीय पारी की दूसरी ही गेंद पर आमिर ने रोहित शर्मा को जीरो पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। आमिर ने दो गेंद बाद ही रहाणे की पारी भी खत्म कर दी। वे भी खाता नहीं खोल पाए। 2 रन अतिरिक्त से बने थे। भारत का स्कोर पहले ओवर में था 2 रन पर 2 विकेट। भारत अभी संभल भी नहीं पाया था कि आमिर ने सुरैश रैना को भी आउट कर दिया। रैना सिर्फ एक रन बना सके। 84 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करने में भारत के पसीने छूट गये। स्कोर था- 8 रन पर 3 विकेट।

मुश्किल पिच पर कोहली के 49 रन
इस मुश्किल वक्त में कोहली ने विराट पारी खेली। उन्होंने आमिर और सामी के हौवा के खत्म करने के लिए आक्रमण की नीति अपनायी। उन्होंने तेजी से रन बनाना शुरू किया। चूंकि गेंदबाजी बहुत आला दर्जे की हो रही थी इसलिए कोहली ने कोई हवाई शॉट्स खेलने की कोशिश नहीं की। वे चौकों के सहारे ही अपना स्कोर बढ़ाते रहे। 7 चौकों की मदद से कोहली ने 51 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्हें सामी ने आउट किया। 76 रन पर जब विराट कोहली का विकेट गिरा तब भारत जीत के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था। इस मैच में युवराज सिंह ने मौके की नजाकत को देखते हुए अपने मिजाज के उलट बैटिंग की। उन्होंने 32 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाये और धोनी (7) के साथ मिलकर जीत के लक्ष्य को हासिल कर लिया। भारत ने 15.3 ओवर में 5 विकेट पर 85 रन बनाये।

टी-20 का मैच लेकिन कोई छक्का नहीं लगा
टी-20 क्रिकेट इसलिए लोकप्रिय है क्यों कि इसमें चौकों छक्कों की बरसात होती है। लेकिन एशिया कप के इस मैच में कोई छक्का नहीं लगा। कुल मिला कर ये सिर्फ पांचवां मौका था जब टी-20 के किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच में छक्का नहीं लगा था। इस मैच में शाहिद आफरीदी, रोहित शर्मा जैसे सिक्सर किंग खेल रहे थे लेकिन वे भी नाकाम रहे थे। हफीज, अकमल भी छक्का लगाने के लिए मशहूर थे लेकिन वे सिर्फ 4 और 3 रनों पर आउट हो गये थे। युवराज सिंह के छक्कों की धमक तो पूरी दुनिया देख चुकी थी। लेकिन उन्होंने बेहद रक्षात्मक बल्लेबाजी की। हार्दिक पांड्या जीरो पर आउट हो गये इसलिए उन्हें कोई मौका ही नहीं मिला। जो भी हो, भारत आखिरकार जीता और उसे इस बात की खुशी थी कि उसने पाकिस्तान का कचूमर निकाल दिया।












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