वर्ल्ड चैम्पियन बनकर सो नहीं पाए एचएस प्रणय, पीएम मोदी के फोन से हुए सरप्राइज
नई दिल्ली, 16 मई: भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने रविवार को थॉमस कप में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इंडोनेशिया के खिलाफ फाइनल में भारत के खिलाफ कई मुश्किलें थी क्योंकि उनके विरोधी मौजूदा चैंपियन थे और उन्होंने 14 बार टूर्नामेंट जीता था। लेकिन फाइनल में लक्ष्य सेन, चिराग शेट्टी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और किदांबी श्रीकांत ने अपने टॉप गेम को कोर्ट में उतारा और भारत ने पहले तीन मैचों में मुकाबला जीतकर फाइनल खिताब पक्का कर दिया। एचएस प्रणय भी पुरुष बैडमिंटन टीम के सदस्य हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गोल्ड मेडल के साथ एक तस्वीर साझा की।

प्रणय ट्वीट करते हुए कहते हैं, मैं सोना चाहता हूं लेकिन सो नहीं पा रहा हूं क्योंकि हम वर्ल्ड चैम्पियन हैं।
प्रणय क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में मैचों का नतीजा बदलने में अहम भूमिका निभाने वाले थे । दोनों मुकाबले 2-2 के बराबर थे और दोनों मौकों पर प्रणय ने आखिरी मैच जीतकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी।
इस दौरान प्रणय ने समाचार एंजेसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि उन्होंने ऐसा अनुभव आज तक नहीं किया है। पहला सेट बुरा था लेकिन दूसरे गेम में मैं ज्यादा फोकस था। मैं इसको देश और अगली पीढ़ी के लिए जीतना चाहता था।
जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खिलाड़ियों को कॉल किया जिसने प्रणय को सरप्राइज किया। प्रणय ने इस पर कहा, "ये काफी स्पेशल था, हमको ऐसा होने की उम्मीद नहीं थी। वे हममे से प्रत्येक को नाम से जानते थे। मुझे लगता है यह असाधारण बात है। पिछले कुछ सालों में खेल को अच्छी सपोर्ट मिली है।"
29 साल के खिलाड़ी ने पहले क्वार्टर फाइनल में मलेशिया के लिओंग जून हाओ को हराया और फिर उन्होंने सेमीफाइनल में डेनमार्क के रासमस गेम्के को मात दी। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को फोन करने के अलावा सोशल मीडिया पर भी भारतीय बैडमिंटन टीम को बधाई दी थी। पुलेला गोपीचंद ने तो इस जीत को 1983 के वर्ल्ड कप से भी बड़ी करार दिया था।












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