शिष्या से रेप के मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद भगोड़ा घोषित, जारी हुआ था NBW

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद को फरार घोषित कर दिया गया है। चिन्मयानंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था, इसके बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। इसके बाद कोर्ट ने धारा 82 की कार्रवाई कर चिन्मयानंद को भगोड़ा घोषित कर दिया। बता दें, चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने साल 2011 में चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 2018 में बीजेपी सरकार ने मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन पीड़िता के एतराज पर कोर्ट ने प्रक्रिया खारिज कर दी थी। चिन्मयानंद के हाजिर न होने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ पहले जमानती फिर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। चिन्मयानंद सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। पुलिस अब तक चिन्मयानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी चिन्मयानंद गुरुवार को कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट असमा सुल्ताना ने चिन्मयानंद को फरार मानते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाने का आदेश जारी किया है। मुकदमे की अगली तारीख 16 जनवरी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चिन्मयानंद को 30 नवंबर तक अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद चिन्मयानंद कोर्ट में पेश नहींं हुए। गुरुवार को चिन्मयानंद की ओर से उनके अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर हुए। चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि वह 'कमजोर और बुजुर्ग है, गंभीर बीमारियों के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं हो पा रहे हैं'। उन्होंने हाईकोर्ट, इलाहाबाद में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, जिसकी सुनवाई 19 दिसंबर को होनी है। चिन्मयानंद ने NBW की प्रक्रिया में रियायत देते हुए उपस्थिति के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने सभी तथ्यों के मद्देनजर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत आदेशिकाएं जारी करने का आदेश जारी किया। इसके तहत चिन्मयानंद के निवास स्थान, किसी सार्वजनिक स्थान, न्यायालय आदि स्थानों पर उद्घोषणा की प्रति चस्पा की जाए। आदेश के अनुपालन के लिए एसपी और संबंधित थानाध्यक्ष को आदेशित किया जाए। अदालत ने अग्रिम कार्यवाही के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है।












Click it and Unblock the Notifications