खुशखबरी! सतना में टाइगर का बढ़ रहा कुनबा, मझगवां, सरभंग मुनि और धारकुंडी के जंगल में 20 बाघों का मूवमेंट
Satna News: मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र से सटे मझगवां, सरभंग मुनि आश्रम, धारकुंडी के जंगलों में बाघों का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, करीब 20 बाघ इस क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। चित्रकूट के इन जंगलों के लिए वन अभ्यारण्य केंद्र बनाए जाने को लेकर डीएफओ ने सरकार को पत्र भी लिखा है।
जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व और उत्तर प्रदेश के रानीपुर टाइगर रिज़र्व के बाघ को इन दिनों चित्रकूट उपवन मंडल के मझगवां रेंज के जंगल को अपना स्थाई आशियाना बना रहे हैं। यही प्रजनन कर अपना कुंनवा भी बढ़ा रहे हैं। जिसकी वजह से इन दिनों बाघों की बढ़ती आमद से पूरा जंगल गुलजार हो रहा है।

टेरिटरी को लेकर टकराव की आशंका
मझगवां रेंज के जंगल में बघों की संख्या तो बढ़ रही है। लेकिन उसके साथ-साथ वहां टेरिटरी को लेकर टकराव की आशंका का भी अनुमान लगाया जाने लगा है। वन विभाग के अनुसार इन दिनों मझगवां रेंज में करीब दो दर्जन बाघ विचरण कर रहे हैं। जिसमें शावकों की सबसे ज्यादा संख्या है। यानी करीब 12 से 15 शावक हैं। जिसकी उम्र दो से ढाई साल के आसपास है। ऐसे में यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि आने वाले समय पर युवा बाघों की संख्या ज्यादा होगी और उनमें अपनी टेरेटरी को लेकर झड़प देखी जा सकती है।
दो दर्जन से ज्यादा बाघों की मौजूदगी
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इन दिनों अकेले मझगवां वन परीक्षित में करीबन 20 बाघों का डेरा है। आए दिन ग्रामीणों को सड़कों पर बाघ के दीदार होते रहते हैं। कई मर्तबा इन्हें जोड़ों में भी देखा जाता है। मझगवां सरभंग मुनि आश्रम, धारकुंडी के जंगल को बाघ ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
टाइगर शावकों की संख्या ज्यादा
मझगवां रेंजर पंकज दुबे ने वन इंडिया हिंदी को जानकारी देते हुए बताया इन दिनों वन प्राणियों में बाघ के शासको की संख्या है। यानी युवा बाघों का कुनबा बढ़ाने वाला है। लगभग बाघ के पांच परिवार मिलकर कुल 15 शावक जंगल में चहल कदमी कर रहे हैं। जिनकी उम्र तकरीबन दो से ढाई वर्ष के करीब है। जैसे-जैसे यह बड़े होंगे उनके बीच अपने क्षेत्र को लेकर आपसी संघर्ष की घटनाएं बढ़ेगी।
पटना पटनी में दिखा जोड़ा
विभाग से मिली जानकारी अनुसार शनिवार देर रात ग्रामीणों को बाघ का एक जोड़ा एक साथ मुख्य सड़क के किनारे आराम करता हुआ दिखा है। जिसकी जानकारी गांव वालों ने वन विभाग को दी थी हालांकि विभाग के पहुंचते ही दोनों बाघ अंदर जंगल चले गए थे।
धारकुंडीं में देखे जा रहे ज्यादा
बताया गया की धारकुंडीं के जंगल में बाघ ज्यादा देखे जा रहे हैं। यानी उनका मूवमेंट वहां ज्यादा है आश्रम आने जाने वालों लोगों को अक्सर सड़क पर ही बाघ के दीदार हो जाते हैं। कई मर्तबा बाघ आश्रम के मुख्य द्वार पर ही बैठा देखा गया है।
मझगवां रेंज पंकज दुबे के मुताबिक मझगवां रेंज में लगभग 20 बाघ है। जिनमें तकरीबन 15 की संख्या में शावक है। जिनकी उम्र अभी दो से ढाई वर्ष की है।












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