MP News: सतना में 'हाथी पांव' बीमारी की दस्तक, मैहर के बाद अमरपाटन क्षेत्र में मिले मरीज
सतना में हाथी पांव के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। मैहर के बाद अमरपाटन क्षेत्र में 4 मासूमों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई हैं। जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है।

मध्यप्रदेश के सतना जिले में डेंगू बुखार के बीच फाइलेरिया बीमारी ने भी अब दस्तक दे दी है।सोमवार को मैहर में फाइलेरिया का पहला मामला सामने आया था जिसके बात मंगलवार को हुई टेस्टिंग में मैहर के साथ-साथ अमरपाटन क्षेत्र में भी चार नए मामले सामने आए हैं। अभी तक स्वास्थ्य विभाग में 'हाथी पांव' फाइलेरिया के लक्षण वाले 5 केस दर्ज हुए हैं। बता दें कि फाइलेरिया बीमारी भी डेंगू और मलेरिया की तरह मच्छरों के काटने से ही होती है। इस बीमारी में भी शुरुआत में बुखार और शरीर में दर्द होता है। इसके बाद पैर में सूजन शुरू होती है। यह सूजन लगातार बढ़ती जाती है।
यह फाइलेरिया बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। शुरुआत में बीमारी के लक्षण दिखने पर मरीज यदि टाइम से उपचार कराता है, तो वह कुछ ही महीने में फाइलेरिया जैसी घातक बीमारी से मुक्ति पा सकता है। हालांकि ग्रामीण एरिया के लोग जागरूकता की कमी से इस बीमारी को हल्के में ले लेते हैं। सतना जिले में फाइलेरिया के सबसे अधिक 4 मरीज अमरपाटन ब्लाक में मिले हैं।
जानिए कहां मिले मामले
सतना जिले के मैहर क्षेत्र के गूगड़ गांव में एक बच्चे की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं जिले के अमरपाटन जनपद क्षेत्र के किरहाई में एक, खरमसेड़ा में दो बच्चे फाइलेरिया संक्रमित पाए गए हैं। बच्चों को मलेरिया विभाग की टीम की देखरेख में डीईसी के डोज देना प्रारंभ कर दिया गया है। उनके घरों के आसपास के क्षेत्र में सर्वे के निर्देश भी दिए गए हैं। बताया जाता है कि मंगलवार को जिले भर में सात वर्ष से कम उम्र के 391 बच्चों की जांच की गई थी। जिसमें से 23 सैंपल रिजेक्ट हो गए थे। जबकि 364 बच्चों की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। जिले भर में चार हजार बच्चों की जांच के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1021 बच्चों की फाइलेरिया जांच की जा चुकी है।












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