MP Election: रैंगांव में अपनी पकड़ क्यों खोती जा रही कांग्रेस, पुराने गढ़ में खोई जमीन वापस पाने में जुटी BJP
MP Election 2023:
MP Election 2023: सतना जिले की बागरी बहुल मतदाताओं वाली विधानसभा सीट रैगांव के चुनाव परिणामों पर जातिगत समीकरण हावी रहता हैं। रैगांव सीट पर साल 2018 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। 5 बार के विधायक व पूर्व मंत्री जुगुल किशोर बागरी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस की कल्पना वर्मा लगभग 12 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी।
रैगांव से कांग्रेस की उम्मीदवार कल्पना वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी को हराया था। रैगांव सीट से विधायक रहे पूर्व मंत्री जुगल किशोर बागरी के निधन से रिक्त हुए इस सीट पर उपचुनाव हुआ और भाजपा को हार मिली। जुगल किशोर बागरी के परिवार से किसी को टिकट देने की बजाए भाजपा ने प्रतिमा बागरी पर विश्वास जताया। भाजपा को इसी का नुकसान उठाना पड़ा है।

रैगांव सीट में शुरू से ही जातिगत समीकरण बने हैं। जिनमें अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा जाति के वोटरों की अहम भूमिका रहती है। सवर्ण वोटर को लेकर भी पार्टियां यहां साधने में जुटी रहती हैं। रैगांव सीट पर बागरी समुदाय के सबसे ज्यादा वोटर है। जिनके समुदाय के विधायकों ने यहां सबसे ज्यादा बढ़त बनाई है। अनुसूचित जाति वर्ग में बागरी समुदाय के अलावा, कोरी और हरिजन समुदाय का भी मतदाता गणित बैठता है।
रैगांव विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य मुकाबला होता है। इसी बीच बसपा का भी यहां दबदबा रहा है। इस विधानसभा का इतिहास काफी पुराना है। सबसे पहले 1977 से अस्तित्व में आई रैगांव विधानसभा क्षेत्र में अब तक 11 विधानसभा चुनाव हुए हैं। जिनमें से 6 बार भाजपा, 3 बार कांग्रेस तो एक बार बहुजन समाज पार्टी को जीत मिली। वहीं 2 बार अन्य दलों के भी प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई है।
कब कौन विधायक बना
2021 उपचुनाव कांग्रेस कल्पना वर्मा
2018 बीजेपी जुगल किशोर बागरी
2013 बीएसपी ऊषा चौधरी
2008 बीजेपी जुगल किशोर
2003 बीजेपी जुगल किशोर
1998 बीजेपी जुगल किशोर
1993 बीजेपी जुगल किशोर
1990 जेडी धीरेंद्र सिंह धीरू
1985 कांग्रेस रामश्री प्रसाद
1980 कांग्रेस रामश्री प्रसाद
1977 जेएनपी विश्वेश्वर प्रसाद












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