Sagar News: ड्राइवर-प्यून जैसों को कौन पूछता है? लेकिन रिटायर्मेंट पर सागर के इस अफसर ने कायम की मिसाल
Sagar News: जिंदगी में कभी न कभी आपका कोई कर्म, किसी कोने में ऊंची मीनार बनकर खड़ा हो जाता हैं। कुछ ऐसा ही मध्य प्रदेश के सागर संभागीय दफ्तर में ड्राइवर के साथ देखने को मिला। जो कल तक अफसरों को उनकी मंजिल तक पहुंचा था, रिटायर हुआ तो साहब उसके सारथी बन गए और अफसर की तरह ट्रीट करते हुए ड्राइवर को घर तक छोड़ने गए।
ये हकीकत पढ़ने में भले ही छोटी लगे, लेकिन ड्राइवर बिलियम मुन्ना उस्ताद का दिल खुशी के उस समुद्र से भर दिया, जिसे वह ताउम्र नहीं भूलेगा। शासकीय सेवा में ड्राइवर के पद पर रहते हुए उसने जो बोया, रिटायर्मेंट के वक्त उसके विभाग में सम्मान की लहलहाती फसल दिखाई दी।

विलियम वर्तमान में सागर संभाग के अतिरिक्त कमिश्नर पवन जैन के ड्राइवर रहे। सेवानिवृत होने की घड़ी पर दफ्तर में जिस अंदाज में उसका विदाई समारोह हुआ, उसे देख उसकी आंखे भर आई। पवन जैन और कार्यालय के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने उसे ऐसे विदाई दी जैसे किसी घर से कोई बेटी शादी के बाद विदा होती हैं।
एडिशनल कमिश्नर पवन जैन खुद अपनी गाड़ी में विलियम को उस सीट पर बैठाकर घर छोड़ने गए, जिस पर वह खुद बैठकर कही जाते थे। ख़ास बात यह थी कि इन पलों में पवन जैन विलियम उस्ताद के ड्राइवर बने और उन्होंने खुद गाड़ी ड्राइव की। उनका कहना था कि विलियम जैसे वाहन चालक मिलना बहुत मुश्किल है, जो अपने अधिकारी को हर वक्त कर्तव्य का बोध करा सकें। पद और जिम्मेदारी अलग-अलग हो सकती है, लेकिन अपने अधीनस्थ के प्रति दिल की भावनाएं अलग नहीं रखना चाहिए।
सागर संभाग के कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जब सारथी सही दिशा दिखाने वाला हो तो कोई भी रास्ता असंभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि कमिश्नर कार्यालय में अपनी 35 वर्ष की सेवा देने वाले सैमसंग विलियम और मुन्ना उस्ताद आज शासकीय सेवा से भले निवृत हो रहे हैं लेकिन मेरे और कमिश्नर कार्यालय के बाकी स्टाफ के दिल में हमेशा रहेंगे।
संवाद सूत्र- ब्रजेश रजक, सागर मध्यप्रदेश
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