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Sagar News: बीना की निर्मल ज्योति संस्था पहले से संदिग्ध, 10 किशोरियों को दो साल पहले पुलिस ने छुड़ाया था

बीना की निर्मल ज्योति संस्था की कार्यप्रणाली पहले से संदिग्ध रहीं हैं। यहां से दो साल पहले गुना, अशोकनगर और बालाबेहट की 10 किशोरियों को छुड़वाया गया था। इन्हें मुफ्त शिक्षा, रहने-खाने का लालच देकर यहां लाए थे।

BINA मिशनरी निर्मल ज्योति संस्था

मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने चार दिन पहले सागर के बीना स्थित निर्मल ज्योति स्कूल का निरीक्षण-जांच-पड़ताल की थी। इसमें अवैध रूप से लैब में भ्रूण मिलने का मामला सामने आया था। निर्मल ज्योति संस्था जो स्कूल चलाती है, उसकी गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध रही हैं। प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार करीब 2 साल पहले संस्था से 10 किशोरियों को छुड़वाया गया था। इन्हें मुफ्त शिक्षा व भोजन का लालच देकर लाया गया था। पुलिस ने इस मामले में सस्था सदस्यों पर मामला भी दर्ज किया था।

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    बीना में क्रिश्चियन मिशनरी द्वारा संचालित निर्मल ज्योति स्कूल व संस्था की गतिविधियां काफी पहले से ही संदिग्ध रही हैं। इसी संस्था के पीपरखेड़ी गांव स्थित यूफ्रेसिया भवन में दो साल पहले 10 किशोरियों को पुलिस ने छुड़वाया था। इन्हें यहां बंधक बनाकर रखा गया था। उस समय शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम की जांच रिपोर्ट में पीपलखेड़ी यूफ्रेसिया भवन द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 का उल्ंघन पाया गया था। यह संस्था इस अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड ही नहीं थी। जबकि यहां किशोरियों व परिजन को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त भोजन का लालच देकर लाया गया था और जबरदस्ती सस्था में रखा गया था। पुलिस ने उस समय इस संस्था के पांच-छह लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की थी। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जिन किशोरियों को आजाद कराया गया था, उनमें पड़ोसी जिले अशोकनगर, गुना और बालाबेहट की शामिल थीं। बीना थाना प्रभारी कमल निगवाल द्वारा इस मामले की पुष्टि की गई है।

    राज्य बाल अधिकार आयोग ने पांच दिन पहले जांच-पड़ताल की थी
    मध्य प्रदेश राज्य बाल अधिकार आयोग ने बीते 5 दिन पहले बीना की निर्मल ज्योति स्कूल पहुंचकर जांच पड़ताल प्रारंभ की थी। बता दें कि स्कूल के एक छात्र ने उसे धर्म विशेष की प्रार्थना में शामिल होने, चर्च में जाने जबरन दबाव बनाया जाता था। उसे झूठे मामले को आधार बनाकर स्कूल से निलंबित कर दिया गया था। जिसकी जांच के लिए आयोग की टीम आई थी। टीम को यहां निरीक्षण में लैब में अवैध रूप से प्रिजर्व कर रखा गया मानव भ्रूण मिला था, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। इधर स्कूल की कक्षाओं के निकट गेस्ट रूम, नन के आवास भी बनाए गए हैं, जबकि यह सब नियमविरुद्ध है। इसको लेकर भी जांच चल रही है। स्कूल प्रबंधन पर दो एफआईआर आयोग की तरफ से कराई जा रही हैं।

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