मॉर्चुरी कांड: चूहों ने बंद कराई मॉर्चुरी, चूहे कहां से घुस रहे, भोपाल के इंजीनियर करेंगे जांच
जिला अस्पताल की मॉर्चुरी के बॉडी फ्रिजर में चूहे कैसे अंदर घुसकर शव को कुतर रहे हैं, इसकी जांच के लिए भोपाल से इंजीनियरों को बुलाया गया है। चूहों के आतंक के चलते यहां सीसीटीवी कैमरे तक लगाने पड़े हैं।

Madhya Pradesh के सागर जिले में स्वास्थ्य महकमें में चूहों ने गदर मचा रखी है। जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में 15 दिन में दो दफा पीएम के लिए आए शवों की आंखे कुतरकर खा जाने के बाद विज्ञान ने संज्ञान लिया है। इधर राजधानी से लेकर नीचे तक सवाल-जवाब के कागज दौड़ने लगे हैं। सीएमएचओ ने सिविल सर्जन सहित 4 डॉक्टरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब मांगा है। बॉडी फ्रीजर में माइनस डिग्री में चूहे कैसे घुसकर शव कुतर रहे हैं, इसकी जांच के लिए भोपाल से इंजीनियरों को बुलाया गया है।

जिला अस्पताल की मॉर्चुरी को चूहों के आतंक के चलते बंद कर दिया गया है। यहां दो शवों की आंखों को कुतरे जाने के बाद शवों की सुरक्षा व अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। बॉडी फ्रिजर में चूहे कैसे घुसकर शव कुतर रहे, इसको लेकर तकनीकि विशेषज्ञों व इंजीनियरों को भोपाल से बुलाया गया है। मॉर्चुरी में मरम्मत का काम कराया जा रहा है। इसके पूरे होने तक पीएम के लिए शवों को बीएमसी की मॉर्चुरी में रखवाया जाएगा। इधर घटना की जांच के लिए सिविल सर्जन के आदेश के बाद आरएमओ व प्रभारी ने घटना से बीते 72 घंटे तक का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया, लेकिन कोई हरकत या साजिश समझ नहीं आई है।
सीएमएचओ ने सिविल सर्जन सहित 4 को नोटिस थमाया
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी ने जिला चिकित्सालय मर्चुरी में चूहों द्वारा शव की आंख नोचने की घटना को गंभीरता से लेकर सिविल सर्जन डॉ. ज्योति चौहान, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुनील जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. अचला जैन तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मर्चुरी कक्ष को कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए निर्देशों की अवेहलना के मद्देनजर कारण बताओ नोटिस जारी किए है। सभी चिकित्सकों को अपना स्पष्टीकरण 48 घंटे में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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नोटिस में कहा गया है कि दो दफा हुई इस घटना से विभाग व जिला अस्पताल संस्था की छवि धूमिल हुई एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की गई है। उक्त कृत्य से आपकी कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए निर्देशों की अवहेलना किया जाना सिद्ध होता है। क्यों न उक्त संबंध में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए आपका प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया जाए।












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