बीएमसी में गायनिक एचओडी के खिलाफ नर्सिंग छात्राओं का हल्लाबोल, आरोप-जानवर कहा, चुटकी बजाकर भगाया
सागर, 16 सितंबर। मप्र के सागर में स्थिति बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की छात्राओं को काॅलेज के आब्स एवं गायनी विभाग की एचओडी डाॅ. शीला जैन द्वारा बेइज्जत करने, अभद्रता करने और अपशब्द कहने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने काॅलेज प्रबंधन से शिकायत करते हुए डीन कार्यालय का घेराव कर दिया। लिखित शिकायत देकर कहा है कि डॉ. जैन के कहने पर एमबीबीएस के छात्रों ने नर्सिंग की छात्राओं को हाथ-पकड़कर खींचकर क्लास रुम से बाहर निकाला था। जब वे शिकायत करने आ रहीं थी तो उनकी साथी छात्राओं को कमरे में बंद कर कर दिया गया।

डीन कार्यालय में धरना देकर बैठी बीएमसी नर्सिंग संस्थान की छात्राओं ने बताया कि वे गुरुवार को अपनी क्लास में बैठी थीं, इसी दौरान बीएमसी में गायनी विभाग की एचओडी डॉ. शीला जैन वहां आई और उन लोगों को क्लास खाली करने को बोलने लगीं। जब छात्राओं ने बताया कि उनकी क्लास है तो डॉ. जैन ने रौब झाड़ते हुए उनसे अपशब्द कहना शुरु कर दिया। छात्राओं ने जब मना किया तो मेडम अभद्रता करने लगी और पास खड़े एमबीबीएस के स्टूडेंट से चुटकी बजाकर बोलीं कि इनको बाहर निकालो। यह एमबीबीएस का कॉलेज हैं, इन लोगों की यहां पर कोई जगह नहीं हैं।

हमें जानवर कहा, नर्सिंग स्टाफ चोर है के नारे लगाए!
बीएमसी नर्सिंग की छात्राओं ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि एचओडी डॉ. शीला जैन ने मौके पर अपशब्द कहते हुए कहा कि मेडम ने हमें धक्का मारकर बाहर निकालने को एमबीबीएस के छात्राओं से बोला था। छात्राओं का आरोप है कि मेडम ने यह भी कह रहीं थीं कि कहां-कहां से ऐसे जानवर कॉलेज में चले आते हैं। मेडम के कहने पर एमबीबीएस के स्टूडेंट्स ने छात्राओं को हाथ पकड़कर और धक्के मारकर क्लासरुम से बाहर भगाया था। हमसे यह भी कहा गया कि पढ़कर क्या करोगी, इंजेक्शन ही तो लगाना है। उन्होंने भी लड़कों ने भी हमें जानवर कहा था। आज तब हम यहां शिकायत करने आ रहे थे, तो हमारी साथी छात्राओं को हाॅस्टल के कमरों में बंद कर दिया गया है। इस सबके बावजूद डीन डॉ. आरएस वर्मा से शिकायत की तो वे एमबीबीएस के स्टूडेंटस का पक्ष लेते हुए हमसे सॉरी बोलने के लिए कह रहे हैं। हमारी प्राचार्य से भी क्षमा मंगवाई गई है। छात्राओं ने इसके अलावा उनसे शासन से तय फीस के अधिक फीस वसूलने, सुविधाएं न दिलाने, स्थाई क्लास रुम तक न होने, स्टायफंड न देने जैसे आरोप भी लगाए हैं।

ऐसा कुछ नहीं हुआ, छात्राओं को भड़काया जा रहा है
नर्सिंग छात्राएं बीते रोज क्लास में खाली बैठी थीं। मैं एमबीबीएस की क्लास लेने गई थी। नर्सिंग छात्राओं से यही बोला था कि वे बाहर चलीं जाएं, हमें क्लास लेना है। मौके पर ऐसा कुछ नहीं हुआ जैसा बताया जा रहा है। उन्हें भड़काया जा रहा है। उनके पीछे कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं।
- डॉ. शीला जैन, विभागाध्यक्ष आब्स एंड गायनी विभाग, बीएमसी, सागर
नर्सिंग के लिए सेपरेट क्लासरुम की व्यवस्था कर दी है

- डॉ. आरएस वर्मा, डीन, बीएमसी सागर












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