Bundelkhand: SC-ST और पिछड़ा वर्ग के सहारे फिर सत्ता की राह तलाश रही कांग्रेस
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 (Madhya Pradesh Assembly Election 2023) में सत्ता की चाबी अब मालवा से डायवर्ट होकर बुंदेलखंड में आ गई है। यहां के 22 प्रतिशत एससी वोटर सहित एसटी और पिछड़ावर्ग वोटबैंक के सहारे कांग्रेस पुन: सत्ता में वापसी का रास्ता तलाश रही है। बता दें कि पिछली दफा बुंदेलखंड से 26 में से 9 सीटें लाई थी। वर्तमान में भी 7 सीटें कांग्रेस के पास हैं। कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा को पटखनी देकर बुंदेलखंड से 15 सीटों जीतना है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आगामी 22 अगस्त को सागर आ रहे हैं। यहां उनकी आमसभा प्रस्तावति हैं। बता दें कि भाजपा के मोदी-मंदिर कार्ड के बाद अब कांग्रेस भी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति सहित पिछड़ा वर्ग के वोटबैंक पर नजरें टिकाए हैं। ऐसा इसलिए कि बुंदेलखंड में मप्र का 22 प्रतिशत एससी वोटबैंक मौजूद है। वहीं पिछड़ावर्ग भी यहां खासा दखल रखता है। पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में कमल नाथ को सत्ता सौंपने में इस वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, इस कारण कांग्रेस सत्ता की चाबी के रूप में मान रही है।
लगातार 25-30 सालों से हार रही सीटों पर दिग्गी बहा रहे पसीना
बता दें कि बुंदेलखंड व संभागीय मुख्यालय सागर विधानसभा सहित जिले की रहली सहित भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली सीटों पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह मेहनत कर रहे हैं। इसके अलावा कठिन सीटों में सुरखी और खुरई सहित दमोह, छतरपुर जिले पर भी उनका फोकस है। वर्तमान में भाजपा के पास 15 सीटें हैं, इनको भाजपा से जीतने के लिए प्लानिंग का जिम्मा कांग्रेस के चाणक्य माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री खुद दिग्विजय सिंह लिए हैं। ।












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