देवरी विधानसभा, 10 साल से कांग्रेस का कब्जा, भाजपा ब्राह्मण-लोधी कार्ड से तलाश रही जीत का रास्ता
मध्य प्रदेश में सागर जिले की देवरी विधानसभा पर बीते 10 साल से कांग्रेस के हर्ष यादव विधायक हैं। भाजपा इस सीट को जीतने के लिए 2023 में ब्राह्मण और लोधी कार्ड खेल सकती है।

बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर जिले की देवरी विधानसभा सामान्य सीट है। यहां से हर्ष यादव विधानसभा चुनाव 2013 और 2018 में विजय रहे। देवरी, गौरझामर और केसली ब्लॉक को मिलाकर यह विधानसभा आदिवासी और लोधी समाज बाहुल्य है। इन समाजों के वोटर यहां का गणित बदलते रहे हैं। भाजपा इस सीट पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व बृजबिहारी पटेरिया को अपना प्रतयाशी बना सकती है। बता दें कि देवरी वर्तमान में दमोह लोकसभा का अहम हिस्सा है और पड़ोस में रहली-गढ़ाकोटा विधानसभा की सीमाएं जुड़ी हैं। देवरी विधानसभा में वर्तमान में करीब 2 लाख से अधिक मतदाता मौजूद हैं।
देवरी विधानसभा 2018 का चुनाव परिणाम
स्थान प्रत्याशी पार्टी वोट
1 हर्ष यादव कांग्रेस 70099
2 तेजी सिंह राजपूत भाजपा 65795
देवरी विधानसभा चुनाव 2023 नए समीकरण बनेंगे
देवरी विधानसभा में कांग्रेस अपनी वर्तमान सीट को बचाने के लिए पूरा जोर लगाएगी। यहां से दो बार के विधायक हर्ष यादव का टिकट फाइनल माना जा रहा है। जबकि भाजपा यहां से ब्राह्मण और लोधी समाज से प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। अटकलें महिला प्रत्याशी को लाने की भी बताई जा रही हैं।
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देवरी विधानसभा में कब-कौन किस पार्टी से विधायक बने
1957 बाला प्रसाद मिश्रा, कांग्रेस
1962 कृष्ण कुमार गौरी शंकर, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1967 पी राम, जनसंघ
1977 द्वारका प्रसाद कटारे, कांग्रेस
1977 परसराम साहू, जनता पार्टी
1980 परसराम साहू, भाजपा
1985 भागवत सिंह, कांग्रेस
1990 परसराम साहू, भाजपा
1993 सुनील जैन, कांग्रेस
1998 बृज बिहारी पटेरिया, कांग्रेस
2003 रतन सिंह सिलारपुर, भाजपा
2008 भानु राणा, भाजपा
2013 हर्ष यादव, कांग्रेस
2018 हर्ष यादव, कांग्रेस












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