Chhatarpur: प्रेतबाधा से मुक्ति पाने बिहार के नालंदा से बागेश्वरधाम आई 12 साल की नाबालिग लापता
Bageshwardham: बिहार के नालंदा से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वरधाम में दर्शन करने आई एक 12 साल की नाबालिग बच्ची खो गई। बीते चार दिन से उसके माता-पिता तलाश में जुटे हैं, पुलिस अधिकारियों से भी मिले हैं। मदद का आश्वासन मिला, लेकिन बच्ची नहीं मिल सकी है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित प्रसिद्ध बागेश्वरधाम में बिहार के नालंदा के रहने वाले पुरोहित संतोष पांडेय अपनी पत्नी शोभा पाण्डेय और 12 वर्षीय बेटी प्रियंका को लेकर दर्शन करने आए थे। बीते 29 अगस्त को तीनों बागेश्वर धाम में दरबार हाल के पास मौजूद थे। इसी दौरान भीड़ में धक्का-मुक्की के चलते उनकी बेटी उनसे अलग हो गई। काफी तलाशने के बाद भी शाम तक संतोष पाण्डेय को उनकी बेटी नहीं मिल सकी। वह अचानक से कहां लापता हो गई, परिजन समझ नहीं पा रहे हैं। बच्ची के पिता संतोष पाण्डेय ने मंदिर परिसर व गढ़ा में काफी तलाश किया लेकिन बेटी नहीं मिली तो उन्होंने बमीठा पुलिस थाना में शिकायतें की हैं। वे पुलिस अधीक्षक से भी मिले थे, उन्हें मदद का आश्वासन भी मिला, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल पा रहा है।
बेटी तनाव में रहती थी, प्रेत बाधा से मुक्ति के लिए आए थे
पंडिताई (पुरोहित) का करने वाले संतोष पांडेय ने स्थानीय मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि वे बिहार के नालंदा जिले में सिलाव थाना क्षेत्र के तहत दरिया सराय गांव के रहने वाले हैं। उनकी बेटी प्रियंका काफी तनाव में रहती है। वहां पर उसे प्रेत बाधा बताई थी, बेटी को झड़वाने के लिए छतरपुर के गढ़ा गांव में बागेश्वर धाम में लेकर गए थे। वे 27 अगस्त को गढ़ा गांव पहुंच गए थे। दरबार में अर्जी लगवाने के लिए धाम पर ही रुक गए थे। 29 अगस्त को दरबार हाल में भीड़ के कारण उनकी बेटी भटक गई और लापता हो गई। मिल नहीं रही है।












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