Bank Fraud: बैंक अधिकारी बनकर सिम तुड़वाई, फिर तीन अकाउंट से ठग लिए 4.53 लाख रुपए
मप्र के सागर निवासी किसान हरीशचंद चौरसिया के साथ बैंक अधिकारी बनकर लाखों की ठगी कर ली गई। उनके मोबाइल नंबर को हैक कर जालसाजों ने हाईटेक तरीके से साढ़े चार लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली है।

Bank Fraud: आपका बैंक अकाउंट और उसमें रखा पैसे पर साइबर ठगों की कभी भी नजर लग सकती है। आपके पास यदि बैंक अधिकारी बनकर कोई फोन लगाता है, या आपकी मोबाइल सिम हैक होने की बात करता है तो समझ लिजिए की कोई आपके साथ धोखाधड़ी करने का प्रयास कर रहा है। दरअसल सागर में इस तरह का एक मामला सामने आया है। एक किसान को उसकी बैंक के ब्रांच अधिकारी बनकर सिम तुड़वा दी और मप्र से दूर राजस्थान और अन्य जगह से सिम का क्लोन तैयार कर 4 लाख 53 हजार 654 रुपए निकाल लिए गए।
पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के अनुसार तिली गांव निवासी युवा किसान हरीश चौरसिया का शहर के एक स्टेट बैंक आफ इंडिया की ब्रांच में खाता खुला है। उनके पास बीते दिनों उनके ही बैंक के ब्रांच अधिकारी बनकर एक फोन आया था। उसने कहा कि आपका मोबाइल नंबर जो खाते में लिंक है, वह हैक हो गया है, इस कारण कोई धोखाधड़ी कर सकता है, इसलिए हरीश को बोला गया कि वह सिम तोड़ दे। हरीश ने डर के कारण ऐसा ही किया ओर सिम तोड़ दी। बाद में उन्हें पता चला कि उनके खाते से 19 फरवरी को 10 हजार, 20 फरवरी को 47,068, 2444, 29,999 व 5999 रुपए निकल गए। इसी प्रकार 21 फरवरी को 47,068, 22 फरवरी को 78,968, 10 हजार, 10 हजार एवं 23 फरवरी को 5 हजार, 50 हजार फिर 41,110 रुपए मप्र से बाहर के शहरों में निकाल लिए गए। 5 दिन में कुल इस खाते से 3 लाख 47 हजार 656 रुपए विभिन्न तरीकों से निकाल लिए गए। चूंकी सिम तुड़वा दी गई थी, इस कारण बैंक ट्रांजिक्शन का उनके पास कोई मैसेज नहीं आया।

मामला यहीं नहीं रुका, दूसरे खातों से भी रुपए निकाले गए
हरीश चौरसिया द्वारा की गई शिकायत के अनुसार उनके परिवारिक सदस्य सलोनी संदेश चनालिया के कोअिक महिन्द्रा बैंक पुणे से 23 फरवरी को 51 हजार रुपए, 7999, 34,999 कुल 93 हजार 998 रुपए विभिन्न तरीकों से निकाले गए। इसी प्रकार अमित चौरसिया के बांदरी जिला सागर के बैंक अकाउंट से 23 फरवरी को ही 6-6 हजार कुल 12 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। हरीश चौरसिया के अनुसार उनके पास मोबाइल नंबर 8391869423 से फ्रॉड करने वाले आरोपी का फोन आया था।
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शिकायत की जानकारी ठगों तक पहुंच गई, पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगे
मामले में सबसे हैरत की बात तो यह है कि इधर लाखों रुपए गंवा चुके हरीश चौरसिया, उनके बड़े भाई आकाश चौरसिया, सलोनी संदेश और अमित चौरसिया जो साथ में जैविक खेती, जैविक उत्पादन का काम करते हैं, वे पुलिस थाने, एसपी कार्यालय और साइबर सेल के चक्कर लगा रहे थे, उधर उनके साथ ठगी करने वालों तक यह जानकारी पहुंच गई कि इन्होंने पुलिस में शिकायत की है। शिकायत के दो दिन बाद उनके पास अनजान नंबर से साइबर सेल के अधिकारी बनकर फोन आता है और अपराधियों की लोकेशन पता चलने व उन्हें पकड़ने के लिए जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने रुपयों की मांग की जाती है। इसकी जानकारी भी फरियादियों ने तत्काल पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई, बावजूद इसके अभी तक पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी।
पुलिस चाहे तो जिन खातों में राशि गई, उन्हें सीज करा सकती है
साइबर ठगी, आनलाइन बैंकिंग की ठगी के मामले में एक्पसर्ट का मानना है कि फरियादी की शिकायत के बाद यह पता चल जाता है कि उनके खातों से पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया है, कहां-कहां किन-किन बैंकों में लेनदेन किया गया है तो तत्काल उन खातों से पैसों की निकासी पर रोक लगवाई जा सकती है। फरियादी और ठगों के बैंक अकाउंट के आधार पर एक बैंक, दूसरे बैंक के पुलिस जांच के आधार पर संपर्क कर आगे के लेनेदेन सीज करवा सकते हैं, लेकिन इतनी तत्परता नहीं दिखाई जाती। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। हरीश व उनके परिचितों ने अपने व्यक्तिगत संपर्कों से जानकारी जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराई कि किन-किन बैंक खातों में फर्जी तरीके से राशि ट्रांसफर कराई गई है, किन-किन के नाम से सिम अलॉट थी, जिनसे फोन आया। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई इस मामले में नहीं की जा सकी।












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