Sagar News: मंदिर में तोड़फोड़ से गुस्साए लोगों ने थाना घेरा, 4 घंटे चला हंगामा; जैन समाज के युवकों पर आरोप
MP News: सागर में शनिवार को एक मंदिर में तोड़फोड़ की घटना ने क्षेत्र में भारी हंगामा पैदा कर दिया। यह घटना सागर के बड़ा बाजार क्षेत्र की जड़िया गली में स्थित एक मंदिर में घटी, जिसे सोनी और जड़िया समाज का कुलदेव मंदिर कहा जाता है।
मंदिर के 200 साल पुराने होने का दावा किया गया है। इस मंदिर में तोड़फोड़ और मारपीट के बाद, इलाके में तनाव का माहौल बन गया और विभिन्न समाजों के बीच टकराव हो गया।

घटना का विवरण
यह घटना शनिवार दोपहर की है, जब जैन समाज के कुछ युवक, जिनके चेहरों पर कपड़ा बांधकर आने का आरोप लगाया गया है, मंदिर पहुंचे। आरोप है कि इन युवकों ने मंदिर में तोड़फोड़ की और इसके साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की। जैसे ही यह घटनाएं स्थानीय लोगों ने देखीं, उन्होंने इन युवकों को रोकने की कोशिश की। इससे विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हंगामा और प्रदर्शन
मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना से गुस्साए हिंदू संगठन और सोनी तथा जड़िया समाज के लोग कोतवाली थाने का घेराव करने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जैन समाज के लोग भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। करीब चार घंटे तक चले इस हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया और शांत कराया।
हालांकि, इसके बाद शनिवार की शाम को सागर के सराफा बाजार और इतवार बाजार क्षेत्रों में युवाओं की भीड़ फिर से जमा हो गई और वहां भी नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा बाजार इलाके में गश्त बढ़ा दी और लोगों को घर भेज दिया।
विवाद का कारण
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब यह जानकारी सामने आई कि मंदिर को तोड़े जाने के दौरान, इस जगह को लेकर चर्चा हो रही थी क्योंकि जैन समाज यहां अपना धार्मिक स्थल बनाना चाहता था। दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर तनातनी थी कि जैन समाज के धार्मिक स्थल के निर्माण के कारण कुलदेव मंदिर को हटाया जाएगा। इस पर विरोध जताने के बाद, मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई।

पुलिस की स्थिति
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की। सागर विधायक के अलावा स्थानीय पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को शांत करने के लिए अधिकारियों ने स्थिति की जांच शुरू की है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सचेत रहेगा।
4 घंटे तक चला प्रदर्शन, एसपी और कलेक्टर नहीं पहुंचे
सागर में शनिवार को मंदिर में तोड़फोड़ के बाद एक बड़ा प्रदर्शन हुआ, जो करीब 4 घंटे तक कोतवाली थाने पर चलता रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और कोतवाली थाना प्रभारी की भी बर्खास्तगी की मांग की। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एसपी और कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा देखी गई।
एडिशनल एसपी ने संभाली स्थिति
स्थिति को काबू में करने के लिए एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांत किया, इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ के आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने की कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने मोनू महाकाल और आदर्श जैन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही, मामले के दौरान धार्मिक स्थल के पास ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक सतीश रावत और आरक्षक अखिलेश को लापरवाही के आरोप में लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और मामले की जांच की जा रही है।












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