फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के कारण गोवा में विवाद

Provided by Deutsche Welle

नई दिल्ली, 04 ​जनवरी। फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के एक बुत को लेकर गोवा में विवाद खड़ा हो गया है. रोनाल्डो पुर्तगाल के रहने वाले हैं और उन्हें कई बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब मिल चुका है. लेकिन गोवा में उनका एक बुत स्थानीय लोगों को रास नहीं आ रहा है.

गोवा के स्थानीय लोगों का कहना है कि एक पुर्तगाली व्यक्ति का बुत लगाकर उस साम्राज्यवादी ताकत का मान बढ़ाया जा रहा है जिसने कभी गोवा को अपने अधीन कर लिया था. इस कारण कुछ लोग इस मूर्ति की स्थापना का संवेदनहीन मान रहे हैं.

इसी हफ्ते कालांगुट शहर में काले झंडों के साथ एक विरोध प्रदर्शन हुआ. इसी शहर में रोनाल्डो की मूर्ति को कुछ दिन पहले अनावृत किया गया है. प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों और नेताओं के प्रति इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर किया कि वे स्थानीय खिलाड़ियों की अनदेखी कर एक विदेशी का सम्मान कर रहे हैं, जो पुर्तगाल का है.

अपना खिलाड़ी क्यों नहीं?

भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिकी फर्नान्डीज ने रोनाल्डो का बुत लगाए जाने का विरोध किया है. उन्होंने इसे आहत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह पुर्तगाली शासन का हैंगओवर है. फर्नान्डीज ने कहा, "रोनाल्डो दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन फिर भी हमें गोवा के किसी खिलाड़ी की मूर्ति लगानी चाहिए."

भारतीय जनता पार्टी के नेता और गोवा सरकार मे मंत्री माइकल लोबो ने रोनाल्डो की मूर्ति लगाए जाने का बचाव किया है. लोबो ने कहा कि यह कदम युवाओं को प्रोत्साहित करने के मकसद से उठाया गया है ताकि वे स्थानीय और राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करें.

लोबो ने कहा, "वे सब लड़के-लड़कियां जो फुटबॉल में करियर बनाना चाहते हैं, क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे लोगों से प्रेरित होंगे. अगर आप अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं और इसे लेकर जुनूनी हैं तो आप ऊंचे लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं. हमने मूर्ति पर भी यही लिखा है."

गोवा का फुटबॉल प्रेम

भारत पर 1947 तक ब्रिटेन का राज था लेकिन गोवा राज्य पुर्तगाल के अधीन था. 1961 में गोवा को आजादी मिली थी. राज्य की संस्कृति पर पुर्तगाल का असर बहुतायत में नजर आता है. यहां की भाषा और इमारतों में पुर्तगाली संस्कृति आज भी मौजूद है.

साथ ही गोवा में फुटबॉल भी एक लोकप्रिय खेल है. यहां की स्थानीय टीमों का देशभर में डंका बजता है. राज्य ने भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को कई खिलाड़ी दिए हैं. यहां के बहुत से लोग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आज भी पुर्तगाल की फुटबॉल टीम का समर्थन करते हैं.

फर्नान्डीज कहते हैं कि वह खुद पुर्तगाल के फैन हैं. वह बताते हैं, "मैं पुर्तगाल का प्रशंसक हूं लेकिन जब हमारे पास अपने खिलाड़ी हैं तो हम किसी बाहरी की मूर्ति नहीं लगा सके."

वैसे, यह पहली बार नहीं है जबकि रोनाल्डो की मूर्ति ने कहीं विवाद खड़ा कर दिया हो. 2017 में रोनाल्डो की एक मूर्ति उनके ही देश पुर्तगाल के मेडीरा हवाई अड्डे पर लगाई गई थी. तब उस मूर्ति का इस बात को लेकर खासा मजाक उड़ा था कि वह कहीं से भी रोनाल्डो जैसी नहीं लग रही.

वीके/एए (एएफपी)

Source: DW

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