कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा पर निकला साइकिल मैन नीरज, किसानों को मिलेट्स उत्पादन के प्रति कर रहा जागरूक
Cycle Man of India: कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा पर निकले साइकिल मैन हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले नीरज कुमार प्रजापति रीवा पहुंचे हैं। नीरज कुमार प्रजापति इससे पहले भी कई बार हजारों किलोमीटर की साइकल यात्रा कर चुके है। किसानो को जागरूक करने के उद्देश्य से नीरज प्रजापति ने एक फिर कश्मीर में लेकर कन्याकुमारी तक 4200 किलोमीटर की साइकिल यात्रा 1 दिसम्बर को श्रीनगर से शुरू की थी।
नीरज की साइकल यात्रा आज रीवा पहुंची यहां पर रीवा कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियो ने उनका स्वागत किया। नीरज की यह साइकल यात्रा 31 जनवरी को कन्याकुमारी में समाप्त होगी। नीरज की यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानो को मिलेट्स अनाज के बारे में जानकारी देना है।

कश्मीर से साइकल यात्रा लेकर रीवा पहुंचे नीरज प्रजापति
हरियाणा के सोनीपत गोहाना गांव के निवासी नीरज कुमार प्रजापति ने जैविक खेती तथा मोटे अनाज को उगाने के प्रति किसानों को जागरुक करने व उसके प्रचार प्रसार के लिए एक दिसंबर को श्रीनगर से कन्याकुमारी तक 4200 किलोमीटर की साइकल यात्रा शुरू की है। नीरज कुमार प्रजापति सायकल यात्रा कर आज रीवा पहुंचे और किसानो को जागरूक किया नीरज कुमार प्रजापति की यह साइकल यात्रा 31 जनवरी को कन्याकुमारी में समाप्त होगी।
4200 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचेंगे कन्याकुमारी
नीरज कुमार ने मिलेट्स के प्रचार प्रसार के लिए श्रीनगर स्थित लाल चौक से कन्याकुमारी तक 4200 किलोमीटर की साइकल यात्रा 1 दिसंबर से शुरू की थी। उनकी यह यात्रा 31 जनवरी को कन्याकुमारी में समाप्त हो जाएगी। साइकल यात्रा के माध्यम से नीरज कुमार कई राज्यों से होकर गुजर रहे है और इन राज्यों में गुजरने के दौरान यहां के गांवों में वह किसानो को जागरूक भी कर रहे है। नीरज के द्वारा किसानो को मोटे अनाज के बारे में जागरुक करने के साथ ही किसानों को इसे उगाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नीरज कुमार प्रजापति की इस योजना और साइकल यात्रा में भारत सरकार और राज्य सरकारें उनकी मदद कर रही है। जिससे देश के किसान खेती को और भी बेहतर बना सकें वो सायकल से गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरुक कर रहे हैं। इसलिए उन्हें सायकल मैन आफ इंडिया भी कहा जाता है। नीरज कुमार की साइकल यात्रा आज रीवा पहुंची यहां पर रीवा कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियो द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान नीरज ने जैविक खेती तथा मोटे अनाज को उगाने और उसके महत्व के बारे में जानकारी साझा की इसके पहले भी नीरज प्रजापति जैविक खेती और प्रकीतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार किलोमीटर की साइकल यात्रा कर चुके है। उन्होंने बताया कि मिलेट्स दो प्रकार के होते हैं। पहला रमिलेट्स है इनमें ज्वार, बाजरा और रागी शामिल हैं। इसके अलावा माइनर मिलेट्स में सामकिया या दूसरे अन्न शामिल हैं मिलेट्स को ताकत का पावर हाउस भी कहा जाता है।
यात्रा के माध्यम से मोटे अनाज के बारे में किसानो को कर रहे जागरुक
नीरज कुमार ने बताया की इसमें दूसरे अन्न से अधिक फाइबर व मिनरल्स पाया जाता हैं। इस यात्रा को लेकर उनका मकसद है। की किसानों को जैविक खेती तथा मोटे अनाज को उगाने के प्रति जागरुक किया जाए इसके लिए वो लगातार सायकल यात्रा कर रहे है और देश के अलग अलग जगहों पर जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज के लाभ के बारे में बता रहे है जिससे किसान मोटे अनाज को उगा सके।
1 लाख 11 हजार किलोमीटर साइकल से यात्रा करने का संकल्प
बताया जा रहा है के नीरज कुमार प्रजापति ने किसानो को मिलेट्स के बारे जागरूक करने के उद्देश्य से उन्होने ने एक बार फिर 4200 किलोमीटर की कश्मीर से कन्याकुमारी तक की साइकल यात्रा शुरू की है। बीते कुछ वर्ष पूर्व ही उन्होने 41660 किलोमिटर की साइकल यात्रा पूरी की थी। उन्होंने 1 लाख 11 हजार किलोमिटर तक साइकल से यात्रा करने की संकल्प ले रखा है। अब एक बार फिर वह कश्मीर से चलकर आज रीवा पहुंचे और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानो से चर्चा की।












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