जेल में लालू दिखा रहे है दादागिरी, नियमों से कर रहे है खिलवाड़

उनके सेवा में बढ़िया खाना, पंखा, टीवी, अखबार जैसी सारी सुविधाएं मौजडूदल है। नवरात्र के दौरान उनके लिए विशेष पूजा और फलाहार की व्यवस्था की गई थी। रोजाना नेताओं और रिश्तेदारों से मिल रहे हैं। इस संबंध में एक याचिका दायर की गई है। वहीं झारखंड पुलिस का कहना है कि लालू जेल में पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, उनकी जान को खतरा है। लालू प्रसाद कथित रूप से रोज घंटों जेलर के कक्ष में बिताते हैं, लोगों से मिलते हैं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कुछ जेलकर्मियों को अपने अंदाज में धमकाया भी है। जेल में उनके इस 'अंदाज' को लेकर जनहित याचिका भी दायर की गई है।
पुलिस की विशेष शाखा के एक अधिकारी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, "लालू प्रसाद की जान को खतरा है और उन्हें जेल में पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए।" विशेष शाखा ने जेल प्रशासन को लालू की सुरक्षा को लेकर सावधान भी किया है। लालू को जेल में शीर्ष संभाग में रखा गया है जहां वे अन्य कैदियों से अलग रहते हैं। उन्हें जेल में वीआईपी कैदियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। एक अलग शयन कक्ष, मच्छरदानी, खाट एवं अन्य सुविधाएं मिली हुई हैं। उनके सेल में एक टीवी सेट भी लगा हुआ है जिस पर वह दूरदर्शन समाचार देखते हैं और रोजाना अखबार भी पढ़ते हैं।
गौरतलब है कि झारखंड की मौजूदा हेमंत सरकार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी साझेदार है और उनकी पार्टी के मंत्री सुरेश पासवान और अन्नपूर्णा देवी जैसे कई रसूखदार उनसे जेल में मिलने आते हैं। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सांसद सुबोधकांत सहाय भी हालचाल लेने जेल में पहुंचते हैं।
उधर, लालू को मिल रही सुविधाएं और उनके मुलाकातियों से मिलने के दस्तूर को लेकर अदालत में एक जनहित याचिका दायर की गई है।याचिका दायर करने वाले वकील राजीव कुमार ने कहा, "जेल नियमों के मुताबिक, किसी कैदी का रिश्तेदार 15 दिनों में एक बार मुलाकात कर सकता है। जेल नियम 1001 कहता है कि जेल के भीतर कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हो सकती। लेकिन लालू प्रसाद हर रोज राजनीतिक नेताओं सहित करीब 100 लोगों से मुलाकात करते हैं। वे जेल में राजनीतिक चर्चा भी करते हैं।"












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