रामपुर नवाब की 27 सौ करोड़ रुपए की संपत्ति का होगा बटवारा, 50 साल बाद आया फैसला
रामपुर नवाब की 27 सौ करोड़ रुपए की संपत्ति का होगा बटवारा, 50 साल बाद आया फैसला
रामपुर, 09 दिसंबर: रियासत कालीन रामपुर के अंतिम नवाब रजा अली खान बहादुर की 27 सौ करोड़ रुपए की निजी संपत्ति का आखिरकार बंटवारा हो गया। ये बंटवारा करीब 50 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज ने नवाब खानदान से ताल्लुक रखने वाले 14 पक्षकारों के बीच में इस संपत्ति का बंटवारा शिया शरिया कानून के तहत किया है।

मर्ज होने से पहले थी रामपुर रियासत
जिला रामपुर यूनियन टेरिटरी में मर्ज होने से पहले रामपुर रियासत हुआ करती थी। यहां पर नवाबों का सिक्का चलता था। स्टेट मर्ज होने के बाद नवाबों के अधिकार संपत्तियां यूनियन टेरिटरी में मर्ज हो गयीं। वहीं, मर्जर एक्ट के तहत अंतिम नवाब की कुछ संपत्ति और रियासत कालीन बेशकीमती चीजें आखिरी नवाब के हक में आई। रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खान बहादुर की बेशकीमती 5 संपत्तियां के बंटवारे का विवाद पिछले 50 साल से स्थानीय अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विचाराधीन रहा।

27 सौ करोड़ रुपए का हुआ बंटवारा
वर्ष 1972 में नवाब रज़ा अली खान से ताल्लुक रखने वाले 14 पक्षकारों के जरिए इस संपत्ति विवाद को दाखिल किया गया था। जिसमें अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने 5 संपत्तियों जिनकी कीमत करीब 27 सौ करोड़ रुपए है, का बंटवारा 14 पक्षकारों के बीच शिया शरिया कानून के तहत कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2019 में 5 संपत्तियों का बंटवारा शरीयत कानून के तहत करने के निर्देश जिला जज रामपुर को दिए थे।

क्या कहा नवाब काजिम अली खान ने
इसी प्रक्रिया के तहत जिला जज न्यायालय में लगाई गई सभी आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद अब जिला जज ने बंटवारे की योजना सुप्रीम कोर्ट को भेज दी है। नवाब खानदान से ताल्लुक रखने वाले पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने बताया कि वह बंटवारे से काफी खुश हैं, क्योंकि इस फैसले को शरियतन किया गया है। मर्जर के बाद एक आम इंसान की संपत्ति की तरह उनकी 5 निजी संपत्तियों को बांटा गया है। 50 साल बाद बंटवारा होने पर पक्षकार नवाब काजिम अली खान काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि चीफ जस्टिस की ट्रिपल बेंच ने जिला जज को बंटवारा करने का आदेश दिया था। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब जिला जज की अदालत ने बंटवारा किया है और बंटवारे की स्कीम सुप्रीम कोर्ट दिल्ली भेज दी है।

5 संपत्तियों में शामिल हैं आलीशान महल
जिले में शहर में मौजूद भव्य इमारत कोठी खास बाग पैलेस और इसका परिसर, तहसील शाहबाद में कोठी शाहबाद और इसकी आराजी, शहर किनारे बाग़ बेनजीर एवं कोठी और बद्रे मुनीर का महल, सिविल लाइन्स में रेलवे स्टेशन के बराबर निजी नवाब स्टेशन और शहर किनारे सर्कुलर रोड पर मौजूद कुंडे का तालाब खास तौर से इन पांच संपत्तियों में शामिल हैं, जबकि इसके अलावा भी संपत्ति है।

ताज, सिंहासन, हथियार के अलावा भी हैं बेशकीमती चीज़ें
जिले में शहर और तहसीलों में मौजूद महल और कोठियों के अलावा आखिरी नवाब की चल संपत्ति में ताज, सिंहासन, झाड़, फानूस, फर्नीचर, पोर्सिलेन, पॉटरी, डिनर सेट, गद्दी, क्रिस्टल, पेंटिंग्स, कारपेट, प्रतिमाओं के साथ साथ नायाब किस्म की चीजें शामिल हैं। यही नहीं इन नायाब चीजों के साथ हथियार असलाह आर्मरी भी मौजूद है। हालांकि इसकी वैल्यूएशन कोर्ट द्वारा लगाई गई है लेकिन पक्षकार नवाब काजिम अली खान खुद भी इस की वैल्यूएशन कराना चाहते हैं।

खजाने को किया गया था खुर्द बुर्द
जिले के इमामबाड़े में ऐतिहासिक चोरी हुई थी, जिसमें छत की दीवारें काटकर और लोहे की डेढ़ फुट की दीवारें काटकर खजाना चोरी हो जाने की घटना प्रकाश में आई थी इसमें सोने से जड़े हुए अलम, हीरे, जवाहरात, याकूत नीलम तमाम बेशकीमती खजाना चोरी गया था। इस घटना के बारे में नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां का कहना है कि वह कोई चोरी नहीं हुई थी बल्कि उनके चाचा नवाब मुर्तजा अली खान के इंतकाल के बाद उनकी चाची बेगम आफताब जमानी ने उस खजाने को खुर्द बुर्द किया था, क्योंकि उस खजाने को लूटा नहीं जा सकता था। इसको चोरी दिखाया गया था।

तिजोरी को काटने में लगे थे 10 दिन, खजाना था गायब
नवाब काजिम अली खान ने बताया कि उनके चाचा नवाब मुर्तजा अली खान की बेगम यानी उनकी चाची बेगम आफताब जमानी के पास खजाने की चाबियां रहती थीं। स्ट्रांग रूम में मौजूद डेढ़ फुट की लोहे की दीवारों में कैद खजाने की तिजोरी को प्रशासन की मौजूदगी में काटने के लिए 10 दिन लगे थे। तिजोरी दुनिया की मशहूर चब कंपनी ने बनाई थी जिसे अभी हाल में अदालती प्रक्रिया के दौरान काटने में 10 दिन लगे थे, लेकिन तिजोरी के अंदर का खजाना सब गायब था।

महल के कुछ हिस्से को बनाया जाएगा ऐतिहासिक विरासत
जिला रामपुर में मौजूद शहर किनारे कोठी खास बाग के कुछ हिस्से को ऐतिहासिक विरासत के रूप में बनाकर पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने बताया कि इसके लिए काफी आराजी छोड़ी जाएगी। साथ ही सभी पक्षकारों से मिलकर इसकी योजना बनाई जाएगी ताकि इसके रखरखाव के लिए कुछ आमदनी का जरिया हो सके ।












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