आजम पर 48 घंटे का बैन, बेटे अब्दुल्ला ने कहा- मुस्लिम होने की सजा मिली
Rampur

क्या था आजम खान बयान?
आजम खान पर इस बार जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य जिला स्तर के अधिकारियों को लेकर भड़काने व धार्मिक नफरत फैलाने के आरोप में बैन लगाया गया है। रामपुर में तृतीय चरण के तहत 23 अप्रैल को चुनाव सम्पन्न होने के ठीक बाद अम्बेडकर जयंती के मौके पर जिले की तहसील शाहबाद में जनसभा को सम्बोधित करते हुए आजम खान ने जिला निर्वाचन अधिकारी व अन्य अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रशासन ने चुनाव में बड़ी गड़बड़ी करके उन्हें हराने की कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। आरोप यह भी है कि इसी जनसभा में आजम ने कहा था कि हिन्दुस्तानी फौजों ने जंग के दौरान धार्मिक नारे लगाए, जिससे पाकिस्तान की फैाजें धोखा खाकर बाहर निकल आईं और हिन्दुस्तान की फौज ने कार्रवाई कर दी।
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आजम ने प्रशासन पर लगाया था आरोप
मालूम हो कि आजम खान आचार संहिता लागू होने के बाद से जिला प्रशासन एंव पुलिस को निशाने पर लिए हुए हैं और लगातार उनपर टीका-टिप्पणी कर रहे हैं। आजम ने प्रशासन को लेकर कहा है कि दो लाख वोट मिशनरी ने नहीं पड़ने दिया। साथ ही 77 हजार लोगों को रातोंरात उनके घरों में रेड कार्ड देकर नजरबंद कर दिया और मत का अधिकार का इस्तेमाल नहीं करने दिया।

मुस्लिम होने की वजह से की गई कार्रवाई: अब्दुल्ला आजम
आजम खान के बेटे और विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा है कि उनके पिता पर यह भेदभावपूर्ण कार्रवाई सिर्फ उनके मुस्लिम होने के चलते की गई है। अब्दुल्ला आजम ने आयोग की कार्रवाई को एकतरफा बताया है। साथ ही कहा है कि उन्हेांने किसी को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।












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