इस जंगल में साथ रहता था 5 शेरों का परिवार, नहीं थी शिकार की कमी, फिर कैसे मर गए शेर-शेरनी
Gujarat News, राजकोट। वन्यजीवों के लिए गुजरात की शान माने जाने वाले गिर सोमनाथ और अमरेली जिलों में शेरों की अप्राकृतिक मौतें थम नहीं रही हैं। यहां दो दिनों में एक शेर व शेरनी के शव बरामद हुए हैं। अमरेली के खांभा व उना में इनके शवों को वनविभाग ने पोस्टमॉर्टम के लिए कब्जे में लिया, लेकिन इनकी मौतों की कोई वजह का खुलासा नहीं कर पाया है।

एक अधिकारी के अनुसार, उना के सैयद राजपरा गांव के निकट 5 शेरों का परिवार रहता था। किंतु मंगलवार को इनमें से एक शेर की डेडबॉडी हाथ लगी। वहीं, एक शेरनी का मृतदेह भी संदिग्ध हालातों में पाया गया है। अब ये मौतें इनफाइट में हुईं या किसी अन्य वजह की वजह से हुई, इसका अंदाजा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही लग सकता है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, 5 शेरों वाले झुंड को माणेकपुर की ओर जाते हुए देखा गया था। जबकि, इसी क्षेत्र में डेढ़ साल पहले एक तेंदुए की मौत का कारण भी आज तक सामने नहीं आया है। अभी शेरनी के बारे में यह साफ हुआ है कि वह 9 साल की थी। अमरेली की तुलसीश्याम रेन्ज के भाणीया राउन्ड से उस शेरनी की मृतदेह भी संदिग्ध अवस्था में मिली। उसके शव से बदबू आ रही थी। 25 दिनों पहले भी शेरनी की मौत होने की जानकारी दी गई थी। वहीं अब, शेरनी के मृतदेह को नियम के अनुसार, खांभा कचहरी ले जाने के बजाय पोस्टमार्टम के लिए जसाधार भेजा दिया गया।












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