अरब की ओर जाकर फिर लौटा 'वायु', रात में गुजरात से टकराएगा, तटीय क्षेत्रों में भेजी गईं NDRF टीमें
कच्छ। ओमान की तरफ जाने के बाद चक्रवात 'वायु' ने फिर एक बार धुरी बदली है। अब यह भयानक चक्रवात देर रात तक गुजरात में कच्छ के लखपत और नलिया के बीच टकरा सकता है। सेामवार सुबह से चक्रवात 'वायु' का असर राज्य के तटीय क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। न सिर्फ समंदर में उफान के साथ बड़ी-बड़ी लहरें उठ रही हैं बल्कि, तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो रही है। जिसके चलते सौराष्ट्र और कच्छ के तीन बंदरगाहों पर 3 नंबर के सिग्नल स्थापित कर चेतावनी जारी की गई है।

50-60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, चक्रवात वायु फ़िलहाल नलिया से 280, द्वारका से 260 और भुज से 360 किलोमीटर की दूरी पर है। यह समुद्री तूफान 17 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से नलिया की तरफ आगे बढ़ रहा है। 'वायु' के ही असर से कच्छ, पोरबंदर और द्वारका के समंदर में भारी उफान आ रहे हैं। साथ ही 50-60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी हैं। इन क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो रही है। जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है। द्वारका की फेरी बोट सर्विस को भी बंद करना पड़ा है।

हालांकि, 'वायु' की तीव्रता पहले से काफी कम हो चुकी है। लेकिन इसके टकराने से 100 किलोमीटर से ज्यादा गति से हवाए चलने के साथ-साथ 5 से 10 इंच बारिश होने की आशंका है। आज देर रात चक्रवात सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म से साइक्लोनिक स्टॉर्म में परिवर्तित होगा। यह डीप डिप्रेशन में परिवर्तित होकर कच्छ के नलिया को प्रभावित कर सकता है। इसी संभावना के चलते राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।












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