महिला दिवस 2019 : जैसलमेर बॉर्डर पर बेटियां, 'दुश्मन गलती से भी आ गया इधर तो जिंदा नहीं जाएगा'
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Jaisalmer News जैसलमेर। 8 मार्च को पूरी दुनिया विश्व महिला दिवस मना रही है। इस मौके पर आधी आबादी का यह पूरा सच भी जान लो कि ये कोमल है लेकिन कमजोर नहीं। इस बात का उदाहरण भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैनात बेटियां भी हैं। पाक को उसकी हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ये बेटियां 24 घंटे तैयार रहती हैं।
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भारत-पाक बॉर्डर की 471 KM सीमा जैसलमेर में
वैसे भी पुलवामा हमला और एयर स्ट्राइक के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल है। ऐसे में राजस्थान के 1037 किलोमीटर लम्बे बॉर्डर में से जैसलमेर के 471 किलोमीटर में तैनात इन बेटियों का हौसला ऐसा है कि अगर सरहद पार से हिन्दुस्तान का कोई भी दुश्मन गलती से भी सीमा लांघ गया तो वो जिंदा वापस नहीं जाएगा।

400 बेटियां कर रही सीमा की हिफाजत
बता दें कि सहरदी जिले जैसलमेर में भारत-पाक बॉर्डर की लगभग 400 बेटियां हिफाजत कर रही हैं। सीमा सुरक्षा बल की यह महिला फोर्स रेत के समंदर में दुश्मन पर बाज की नजर रखे हुए हैं। ये इतनी प्रशिक्षित हैं कि इनके होते हुए दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। बॉर्डर पार करके इधर जाना तो दूर की बात है।

जिले की सुरक्षा भी महिला के हाथ में
( Mahila diwas 2019 ) सरहद और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण जैसलमेर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महिला के हाथ है। इस समय जैसलमेर की एसपी किरण कंग (Jaisalmer SP Dr. Kiran Kang) है। इन्होंने जैसलमेर की पुलिस अधीक्षक बनते ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सभी पुलिस थानों में महिला पुलिस कर्मी भी तैनात की हैं।

राजनीति के मैदान में भी नारी शक्ति
(Rajasthan Women Politicians) बात अगर बॉर्डर की सुरक्षा और जिले की कानून व्यवस्था के अलावा करें तो राजनीति के मैदान में भी नारी शक्ति नजर आती है। जैसलमेर जिला प्रमुख के पद पर अंजना मेघवाल आसीन हैं। इनके अलावा शहर की प्रथम नागरिक नगर परिषद सभापति पद पर कविता खत्री है, जो पिछले चार साल से सभापति की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है।












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