Ground Report: ईसरदा बांध प्रोजेक्ट में देरी को लेकर क्या बोले असिटेंड इंजीनियर अमित दूबे ? जानिए

ISHARDA DAM PROGECT GROUND REPORT: राजस्थान के बहुप्रतिक्षित ईसरदा बांध परियोजना आखिरकार अपने निर्माण के अंतिम चरण पर पहुंच गई है। बांध के निर्माण की बदलती तारीखों के बाद अब सरकार ने जनवरी 2025 तक सेवा प्रदाता कम्पनी को इसे पूरा करने के निर्देश दे दिए है।

प्रदेश के दौसा, सवाईमाधोपुर जिलों के 6 शहर और 1205 गांवों की पेयजल योजना के लिए किए जा रहे बांध का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में है। इसके साथ ही राहतभरी खुश खबरी है कि इसका निर्माण कार्य अब जनवरी 2025 तक पूरा हो जाएगा।

बांध का निर्माण कार्य पूरा होते ही दौसा, सवाईमाधोपुर जिलों को शुद्ध पेयजल हर घर तक मिलने लगेगा। इस बांध का निर्माण फिलहाल पूरी तरह से पेयजल योजना के लिए ही किया जा रहा है। हालांंकि सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस बांध को ईआरसीपी योजना से जल्द ही लिंक कर दिया जाएगा।

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वाटर रिसोर्स डवलपमेंट (WRD) विभाग इसके निर्माण कार्य में मॉनिटरिंग एजेंसी है। जो लगातार सेवा प्रदाता कंपनी ओम इंफ्रा लिमिटेड के द्वारा बांध के निर्माण कार्यों की क्वालिटी को चैक कर जांच पड़ताल के बाद नियमानुसार पूरा करवाने के लिए काम कर रहा है।

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    Ground Report: ईसरदा बांध प्रोजेक्ट में देरी को लेकर क्या बोले असिटेंड इंजीनियर अमित दूबे ? जानिए

    वाटर रिसोर्स डवलपमेंट विभाग के असिटेंड इंजीनियर अमित दूबे ने वन इंडिया हिंदी की टीम से खास बातचीत में बताया कि लगातार बारिश के चलते फिलहाल काम रूका हुआ है। 15 से 20 सेमी तक पानी लगातार ओवरफ्लो चल रहा है।

    बांध के निर्माण कार्यों को लेकर दूबे ने बताया कि मैं पिछले करीब 18 महीनों से यहां पदस्थापित हूं। यहां पर निर्माण कार्य की सेम्पलिंग अलग-अलग स्तर पर होती है। उसकी पुख्ता जांच पड़ताल और निर्माण सामग्री की पूर्ण क्वालिटी चैक होने के बाद ही कार्य आगे बढ़़ाया जाता है।

    दूबे ने बताया कि फिलहाल इस बांध का निर्माण दौसा और सवाईमाधोपुर जिले की पेयजल योजना के लिए बनाया जा रहा है। इस बांध का निर्माण पेयजल के लिए किया जा रहा है।

    दूबे ने बांध निर्माण में आने वाली समस्याओं को लेकर भी बातचीत करते हुए बताया कि अरदन डेम के निर्माण के लिए मिट्टी की जरूरत होती है जिसके लिए ग्रामीण विरोध करते है। हम कोशिश यह करते है कि अधिकारियों की समझाइश से काम किया जाए।

    बांध के निर्माण कार्य में देरी को लेकर भी दूबे ने बताया कि पहले कोराना महामारी आई, फिर बिपरजॉय आया उसके बाद अभी फिर एक ही दिन में ऐसी बारिश हुई कि 15 से 20 सेमी की चादर बांध पर चल रही है।

    आपकों बता दें कि ईसरदा बांध का निर्माण जलदाय विभाग की ओर करवाया जा रहा है। वाटर रिसोर्स डवलपमेंट विभाग इसकी मॉनिटरिंग एजेंसी है और इस बांध का निर्माण ओम इंफ्रा लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है।

    आपकों बता दे पहले इसे 31 दिसंबर 2021 तक पूरा किया जाना था, इसके बाद कोरोना की वजह से फरवरी 2023 तक पूरा होने की तारीख तय की गई लेकिन अब एक बार फिर इसकी तारीख बढ़ाकर जनवरी 2025 कर दी गई है। वर्तमान में बांध का 80फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है तथा तेज गति से कार्य जारी है।

    प्रोजेक्ट से जुड़े अभियंताओं ने बताया कि बांध निर्माण को लेकर कुल 12 गांव को विस्थापित किया जाना है। इनमें से 8 गांव टोंक जिले के तथा 4 गांव सवाईमाधोपुर जिले में चौकड़ी,रायपुर, सोलपुर तथा ईसरदा का कुछ भाग शामिल है।

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