नदी से पानी आया तो आधा डूब गया संगमेश्वर महादेव मंदिर, श्रद्धालु नाव से आ रहे दर्शन करने- VIDEO
बांसवाड़ा। राजस्थान के कई जिलों में लगातार बारिश होने की वजह से बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पानी का दवाब बनने पर बांसवाड़ा के बांध के गेट खोलने पड़े। बांध से पानी छोड़ने के बाद जिले के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। वहीं, बांध से कुछ दूर संगमेश्वर मंदिर पानी में आधा डूब गया। मंदिर जाने का रास्ता पूरी तरह डूबा हुआ है और वहां चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।

जलमग्न हो गए संगमेश्वर महादेव
इलाके में बाढ़ जैसे हालत होने पर भी श्रद्धालुओं के मन में मंदिर के दर्शन करने के जोश कम नहीं हो रहा। अभी भी श्रद्धालु नाव के जरिए दर्शन के लिए संगमेश्वर मंदिर जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों ने मंदिर का वीडियो जारी रिकॉर्ड किया और लोगों से बातचीत की। नाव पर बैठे श्रद्धालु खुद तस्वीरें भी खींचते हैं।

श्रद्धालु नावों पर बैठकर आ रहे हैं
एक श्रद्धालु ने कहा, "मैं दर्शन के लिए यहां नाव से आया हूं। यहां पर आकर मुझे आनंद आ गया है। बेशक पानी बहुत है..लेकिन ऐसे में दर्शन करना रोमांच का भी अहसास करा रहा है। दर्शनार्थियों के लिए मंदिर की शोभा इन दिनों देखने लायक है।"

2 सदी पुराना है यह मंदिर
यह मंदिर राजस्थान में बांसवाड़ा से 70 किलोमीटर दूर भैंसाऊ गांव में माही और अनास नदी के संगम पर बना है। यह करीब 200 साल पुराना मंदिर है। बाढ़ के हालत होने पर यह इसी तरह जलमग्न हो जाता है।

4 महीने तक नहीं हो पाते दर्शन
मंदिर के पुजारी ने बताया कि, यह मंदिर संगमेश्वर महादेव मंदिर के नाम से लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि, अब तो नौका चल रही हैं। मगर, इससे पहले श्रद्धालु 4 महीने तक इसका दर्शन नहीं जा पाते थे, दूर से ही पूजा करते थे।

अगस्त-सितंबर में होता है जलभराव
एक महिला श्रद्धालु बोली, ''बैकवाटर में बना ये मंदिर हर साल अगस्त-सितंबर में पानी में आधा समा जाता है।तो भी कई श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर नाव के जरिये दर्शन करने आते हैं।
#WATCH राजस्थान: बांसवाड़ा में डैम से पानी छोड़ने के बाद संगमेश्वर मंदिर पानी में डूब गया है। इस दौरान श्रद्धालु नांव के जरिए दर्शन के लिए जा रहे हैं। pic.twitter.com/zOcUUKKDE6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 30, 2021












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