'सियासी पिच से लेकर रैंप पर कैट वॉक तक...', वसुंधरा राजे का रहा हमेशा जुदा अंदाज, जानिए अनसुनी बातें
Vasundhara Raje Unknown Facts: राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद सीएम पद को लेकर माथा-पच्ची जारी है, हालांकि इस लिस्ट में कई नाम शामिल हैं लेकिन सबसे आगे महारानी वसुंधरा राजे का नाम चल रहा है, वो चुनावी रिजल्ट के बाद सबसे ज्यादा एक्टिव भी दिख रही हैं।

नतीजों के बाद उन्होंने विधायकों से मुलाकात की और अब वो दिल्ली पहुंच चुकी हैं, फिलहाल राजस्थान का सिंहासन उन्हें मिलता है या नहीं ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि भाजपा की बंपर जीत में वसुंधरा का बहुत बड़ा रोल है।
चलिए उनके बारे में जानते हैं कुछ अनसुनी बातें..
मालूम हो कि वसुंधरा राजे सियासत का बहुत बड़ा चेहरा हैं लेकिन इसके इतर भी उनकी पहचान बिंदास, आत्मविश्वासी, स्पष्टवादी और खुले विचारों वाली महिला के रूप में हैं। राजघराने ने उन्हें कायदे सिखाए लेकिन उनकी सोच में आधुनिकता का समावेश भी नजर आता है।
महाराजा जीवाजीराव सिंधिया और विजयराजे सिंधिया की पुत्री
वो ग्वालियर के महाराजा जीवाजीराव सिंधिया और विजयराजे सिंधिया की पुत्री हैं। मुंबई में जन्मी राजे ने अपनी स्कूली शिक्षा तमिलनाडु के कोडाइकनाल के कॉन्वेंट स्कूल से की तो वही इन्होंने सोफिया कॉलेज फॉर वुमेन, मुंबई से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। वसुंधरा राजे की शादी धौलपुर राजघराने के महाराजा हेमंत सिंह के साथ हुई थी और इसी के साथ ही वो धौलपुर की पटरानी बन गईं।
साल 2003 में राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
सोशल इवेंट में सक्रिय वसुंधरा ने भाजपा के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा और साल 2003 में वह राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। अपने विचारों, बयानों और अंदाज की वजह से वसुंधरा कई बार आलोचनाओं के भी घेरे में भी रहीं लेकिन हर बार उनके विरोधीगणों को मुंह की खानी पड़ी है। अपने ऊपर हुए हर वार का जवाब उन्होंने विरोधियों को बखूबी दिया और इसी के चलते वो दो बार राज्य की मुखिया बनीं।
खादी फैशन शो के दौरान रैंप पर कैट वॉक किया
साल 2006 में वसुंधरा राजे ने एक खादी फैशन शो के दौरान रैंप पर कैट वॉक किया था, लाल रंग की साड़ी में उनकी ओर से किया गया रैंप वॉक उस वक्त काफी सुर्खियों में था, विरोधियों ने इस बात पर राजे को निशाना बनाना चाहा लेकिन तब राजे ने अपने बयान में यह कहकर विरोधियों की बोलती बंद करा दी थी कि 'देश की हर महिला खूबसूरत और स्वतंत्र हैं और वो कुछ भी कर सकती है'।
ललित मोदी के बिजनेस को बढ़ावा देने का लगा था आरोप
इसके बाद साल 2009 में उन पर आईपीएल के फाउंडर और बिजनेस मैन ललित मोदी की फर्जी कंपनियों को शह देने का आरोप लगा था। आपको बता दें कि मोदी नगर के ललित मोदी की एंट्री राजस्थान में बिजनेस मैन के तौर पर हुई थी लेकिन विरोधियों ने आरोप लगाया कि राजे की मां विजया राजे सिंधिया और ललित के पिता कृष्ण कुमार मोदी दोस्त हैं इसलिए ललित मोदी को राजे बढ़ावा दे रही हैं।
वसुंधरा राजे साल 2013 में दूसरी बार सीएम बनी थीं
मोदी ने बिजनेस का बड़ा अंपायर राजस्थान में खड़ा किया था लेकिन जब वो भ्रष्टाचार के आरोपों मे घिरे तो विरोधियों ने राजे और उनके पुत्र को भी कटघरे में ले लिया लेकिन एक भी आरोप सिद्ध नहीं हो पाया, विरोधियों ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें ही इसकी वजह से शिकस्त खानी पड़ी और राजे साल 2013 में दूसरी बार सीएम बनीं।
"Women Together Award" पुरस्कार से सम्मानित
वो बहुत सारे सोशल इंवेट से भी जुड़ी हुई हैं, उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र में काफी काम किया है और इसी वजह से उन्हें साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा "Women Together Award" पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
'रिटायरमेंट की बात को आप लोग अपने दिमाग में ना रखें'
उनका आत्मविश्वास उस वक्त भी नजर आया था जब वो विधानसभा 2003 के चुनावों के नामांकन करने पहुंचीं थीं, उन्होंने तब झालरापाटन विधानसभा सीट से अपना नामांकन भरने के बाद मीडिया से कहा था कि 'रिटायरमेंट की बात को आप लोग अपने दिमाग में ना रखें, मैं कहीं नहीं जा रही हूं।' अपनी इस बात को उन्होंने बंपर जीत के साथ सत्य भी साबित कर दिया।












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