राजस्थान: काले धन को सफेद करने के खेल का पर्दाफाश, 2 करोड़ की नई करेंसी बरामद
को-ऑपरेटिव बैंक का सीईओ अपने ही शिक्षण संस्थान के जरिए काले धन को सफेद करने के फिराक में था।
जयपुर। राजस्थान के जयपुर में दो अलग-अलग जगहों से करीब 2 करोड़ रुपए की नई करेंसी जब्त की गई है। जयपुर के मानसरोवर इलाके में को-ऑपरेटिव बैंक के सीईओ के काले धन को सफेद करने के कारनामे का पर्दाफाश हुआ और 1 करोड़ 56 लाख कैश के साथ सोने, चांदी और विदेशी मुद्रा आयकर विभाग ने जब्त किए।

अपने ही पैसों की फेरबदल में लगा था सीईओ
इंटीग्रल को-ऑपरेटिव बैंक, विल्फ्रेड शिक्षण संस्थान भी चलाती है। 8 दिसंबर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को यह खबर मिली थी कि विल्फ्रेड शिक्षण संस्थान में इंटीग्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने 1 करोड़ तीस लाख रुपए जमा कराए हैं।
इसके बाद आईटी डिपार्टमेंट इस केस की जांच में लगी तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। इंटीग्रल को-ऑपरेटिव बैंक से 1 करोड़ 38 लाख की नई करेंसी के साथ कुल 1.56 करोड़ रुपए जब्त किए गए। बैंक का सीईओ केशव बड़ाया फरार हो गया।

क्राइम ब्रांच ने जब्त की 58 लाख की नई करेंसी
जयपुर में ही वैशाली नगर इलाके में क्राइम ब्रांच ने 64 लाख रुपए कैश के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जब्त किए गए कैश में 58 लाख रुपए नई करेंसी में हैं।
इस बारे में एसीपी रतन सिंह ने बताया है कि जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे कमीशन लेकर करेंसी एक्सचेंज कर रहे थे। इनके बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बता दिया गया है।












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