Teachers Day : शिक्षक का ट्रांसफर हुआ तो 40 छात्र भी TC कटवाकर पीछे-पीछे 600 KM दूर आ गए पढ़ने

बांसवाड़ा, 5 सितम्‍बर। पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आज भारत में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। तमाम उन शिक्षकों की कहानियां भी पढ़ने व सुनने को मिल रही हैं, जो अपने पढ़ाने के तरीके के दम पर समाज की दशा व‍ दिशा बदलते हैं।

जब रोने लग जाते हैं बच्‍चे

जब रोने लग जाते हैं बच्‍चे

ऐसे शिक्षक भी सुर्खियां बनते है, जिनके ट्रांसफर पर बच्‍चे शिक्षक से लिपटकर फूट फूटकर रोने लगते हैं। इस तरह के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं।

शिक्षक दिवस विशेष स्‍टोरी

शिक्षक दिवस विशेष स्‍टोरी

शिक्षक दिवस 2022 मौके पर पढि़ए एक ऐसे शिक्षक की कहानी जिनके ट्रांसफर पर बच्‍चे रोए ही नहीं बल्कि टीसी कटवाकर उनसे पढ़ने के लिए उनके पीछे पीछे 600 किलोमीटर दूर विद्यालय में चले आए। मामला राजस्‍थान के बांसवाड़ा और सवाई माधोपुर जिले है।

 5 जुलाई 2017 को राजस्‍थान शिक्षा विभाग में ज्‍वाइन किया

5 जुलाई 2017 को राजस्‍थान शिक्षा विभाग में ज्‍वाइन किया

दरअसल, राजस्‍थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी के मुकेश चंद्र मीणा ने 5 जुलाई 2017 को राजस्‍थान शिक्षा विभाग में ज्‍वाइन किया। इन्‍हें बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ तहसील के मोहकमपुरा के राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय में पहली पोस्टिंग मिली।

 शिक्षक मुकेश कुमार मीणा का इंटरव्‍यू

शिक्षक मुकेश कुमार मीणा का इंटरव्‍यू

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में शिक्षक मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि वे राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय मोहकमपुरा बांसवाड़ा में फिजिक्‍स, केमेस्‍ट्री व मैथ्‍स विषय पढ़ाते थे। यहां 24 माह रहे और 100 फीसदी रिजल्‍ट दिया। 2019 में मुकेश कुमार मीणा का ट्रांसफर सवाई माधोपुर जिले के बामनवास के राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय पटटी खुर्द में हो गया।

घर के नजदीक स्‍कूल में तबादला

शिक्षक मुकेश कुमार मीणा मूलरूप से बावनवास के पास गांव खंडीप के रहने वाले हैं। बांसवाड़ा इनके गांव से करीब 600 किलोमीटर दूर है। ये श्रीमन मीणा व मुक्ति देवी के इकलौते बेटे हैं। ऐसे में घर से महज 21 किलोमीटर के स्‍कूल में ट्रांसफर होने पर सहज महसूस करने लगे।

 नामांकन बढ़कर 125 हो गया

नामांकन बढ़कर 125 हो गया

शिक्षक मुकेश कुमार मीणा बांसवाड़ा से ट्रांसफर होकर राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय पट्टी खुर्द में यहां आए तो कक्षा 12 में 3 व 11 में 9 छात्र थे, जो अब बढ़कर 125 तक हो गए। शिक्षक मीणा को ताज्‍जुब तो तब हुआ जब इनसे पढ़ने के लिए बांसवाड़ा से भी स्‍टूडेंट टीसी कटवाकर बामनवास पहुंचने लगे।

 बांसवाड़ा से आए 40 बच्‍चे

बांसवाड़ा से आए 40 बच्‍चे

शिक्षक मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि साल 2019 में 18, साल 2020 में 14 और साल 2021 में 9 बच्‍चे बांसवाड़ा से बामनवास आए। इन बच्‍चों को बामनवास के अंबेडकर छात्रावास में आवास सुविधा उपलब्‍ध करवाई गई। इसी साल भी एक दर्जन छात्र बांसवाड़ा से बामनवास आए, मगर उन्‍हें आवास सुविधा नहीं मिल पाने के कारण वे वापस चले गए।

 हर साल सौ फीसदी रिजल्‍ट

हर साल सौ फीसदी रिजल्‍ट

शिक्षक मुकेश कुमार मीणा कहते हैं कि मेरे पढ़ाने का तरीका बच्‍चों को पसंद आ रहा है। इसकी एक झलक परीक्षा परिणाम में भी देखने को मिलती है कि जब से शिक्षक बना हूं तब से 100 सौ रिजल्‍ट दिया है। बांसवाड़ा से आए आधा दर्जन स्‍टूडेंट को बामनवास में खाली पड़े प्राइमरी स्‍कूल में ठहराया गया है। इनके रहने व खाने का खर्च खुद शिक्षक मीणा उठा रहे हैं।

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