RAS अधिकारी ने लौटाए दहेज में मिले 11 लाख रुपए व कार, भर आई दुल्हन के पिता की आंखें, VIDEO
अजमेर। दहेज के लिए एनवक्त पर शादी तोड़ने या बाद में विवाहिताओं की जाने लेने वाले लोगों को राजस्थान के अजमेर के गुर्जर परिवार से सीख लेनी चाहिए। इस परिवार ने बेटे की शादी में दहेज के रूप में 11 लाख रुपए से भरा थाल और कार लेने से इनकार कर दिया। ऐसे अच्छे विचारों वाले समधी पाकर दुल्हन के पिता की आंखें भर आई।

रावतभाटा एसडीएम हैं दूल्हे के पिता
बता दें कि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) रामसुख गुर्जर अपने बेटे मयंक राज गुर्जर की शादी गुजरात की युवती से कर रहे हैं। 9 फरवरी को शादी अजमेर के एक विवाह स्थल में होगी। गुरुवार को तिलक कार्यक्रम हुआ।

शगुन के तौर पर लिए सिर्फ 101 रुपए
तिलक कार्यक्रम के दौरान दूल्हे मयंक को दुल्हन के पिता ने 11 लाख रुपए से भरा थाल और एक कार देनी चाही। मयंक और उसके आरएएस पिता रामसुख गुर्जर रुपए और कार लेने से मना कर दिया। एक बारगी से सबको यही लगा कि दहेज कम मिलने के कारण इनकार कर रहे हैं, लेकिन बाद में सबको पता चला कि इनका परिवार दहेज के खिलाफ है तो हर किसी उनके परिवार के इस फैसले की सराहना की। इन्होंने शगुन के तौर पर सिर्फ 101 रुपए लिए।

पिता के संस्कारों को बढ़ाएंगे आगे-दूल्हा
दूल्हा मयंक राज गुर्जर भी अपने पिता की राह पर है। इसने आरएएस की मुख्य परीक्षा भी दी है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके मयंक ने बताया कि उनके परिवार ने यह फैसला पिता के संस्कारों की वजह से लिया है। ऐसे अच्छे संस्कार हम अगली पीढ़ी तक ले जाएंगे। समाज में भी बिना दहेज की शादी करने का संदेश देंगे।

सालासर बालाजी की कृपा से सब कुछ है-SDM
दूल्हे के पिता रामसुख गुर्जर बताते हैं कि सगाई के समय ही दुल्हन के परिजनों को कह दिया था कि हमें सिर्फ कन्या कलश चाहिए दहेज नहीं, मगर तब उनको लगा कि सगाई के समय सभी ऐसे ही बोलते है। इसलिए वे गुरुवार को तिलक समारोह में कार व 11 लाख रुपए नकद देने चाहे, जो हमने लेने से मना कर दिया। हमारे परिवार के पास सालासर बालाजी की कृपा से सब कुछ है। हमें दहेज नहीं चाहिए।












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