Lok sabha Election: बीकानेर में राम पड़ेंगे भारी या मेघवाल कर रहे फतेह की तैयारी....जानिए ग्राउंड रिपोर्ट

Lok Sabha Election: राजस्थान में लोकसभा चुनावों के सियासी संग्राम में अब बीकानेर में मुकाबला रौचक हो गया है। एक ही सियासी रण में तीन राम और मेघवाल मुकाबला कर रहे है।

सियासी गलियारों में चर्चा यह है कि इस सियासी रण में कौनसा राम फतेह करेगा। बीकानेर लोकसभा सीट पर इस समय कुल 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

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बीजेपी से अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस से गोविंद राम मेघवाल, बीएसपी से खेता राम मेघवाल एकदूसरे को चुनौती दे रहे हैं. इनके अतिरिक्त मेघवाल समाज से गोपीचंद मेघवाल भी निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में महज कुछ ही दिन बचे हैं। पूरे देश में इस समय सिर्फ चुनावी बयार बह रही है। हर कोई चुनावी रंग में डूबा हुआ है।

राजस्थान के बीकानेर के सियासी रण में भारतीय जनता पार्टी-बीजेपी ने चौथी बार अर्जुनराम मेघवाल को मैदान में उतारा है। उधर, कांग्रेस ने भी बीजेपी को मात देने के लिए मेघवाल कार्ड खेलते हुए पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल पर भरोसा जताया है।

बहुजन समाज पार्टी ने भी खेत राम मेघवाल को यहां से टिकट दिया है। एक सीट पर तीन-तीन प्रत्याशी मेघवाल समाज से आने के चलते बीकानेर लोकसभा सीट का मुकाबला और भी रोचक हो गया है। ऐसे में यहां कौन बाजी मारता है, कुछ ही दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।

राजस्थान का बीकानेर ने अपनी शाही विरासत के साथ-साथ नमकीन खासकर बीकानेरी भुजिया और मिठाई की बदौलत पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान कायम की है।

आप भले ही राव बीका के बसाए इस शहर को नहीं जानते हों, लेकिन बीकानेरी भुजिया का जायका जरूर चखा होगा. यह शहर शाही हवेलियों के अद्भुत स्थापत्य से सैलानियों को सम्मोहित करता है। साथ ही 25,000 चूहों के कारण विश्व विख्यात करणी माता का चमत्कारी मंदिर भी बीकानेर में ही है।

बीकानेर का इतिहास अपने-आप में अनूठा है। थार रेगिस्तान के बीच बसे इस शहर को राजस्थान का दिल भी कहा जाता है।

शहर पर कई राजा-महाराजाओं ने शासन किया, बीकानेर की सबसे बड़ी खासियत है कि यह अपनी परम्परा ओर सौहार्द के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है. गंगा-जमुना संस्कृति को दर्शाती इस शहर की आबोहवा भी ऐसी है एक बार यहां आने वाला यहीं का होकर रह जाता है।

क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान के बड़े संसदीय क्षेत्रों में शुमार बीकानेर लोकसभा क्षेत्र, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का चुनाव क्षेत्र होने से सुर्खियों में है। बीकानेर सीट से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी- बीजेपी बराबर जीत दर्ज करवाती रही हैं लेकिन पिछले तीन चुनावों से अर्जुनराम मेघवाल इस सीट से लगातार जीत रहे हैं। बीजेपी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है।

बीकानेर संसदीय सीट पर अब तक 17 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं। इनमें पूर्व महाराजा करणी सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लगातार 5 बार विजयी रहे।

1977 के चुनाव ने जनता पार्टी के हरिराम ने जीत हासिल की. 1996 में यहां से पहली बार बीजेपी का खाता खुला और महेंद्र सिंह भाटी विजयी हुए। लेकिन दो साल बाद ही यह सीट कांग्रेस के हाथ में आ गई। बलराम जाखड़ यहां से सांसद चुने गए। उनके बाद 1999 में कांग्रेस के ही रामेश्वर लाल विजयी हुए।

2004 के चुनाव में बीजेपी ने बीकानेर सीट से फिल्मी दुनिया के चर्चित चेहरे धर्मेंद्र को मैदान में उतारा और धर्मेंद्र ने शानदार जीत हासिल की। 2009 में बीजेपी ने अर्जुन राम मेघवाल ने शानदार जीत दर्ज की और अब तक वे ही यहां से सांसद हैं।

इस बार के चुनावी मैदान में बीजेपी से अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रस से गोविंद राम मेघवाल और बीएसपी से खेत राम मेघवाल एकदूसरे के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस के मदन गोपाल मेघवाल को बड़े अंतर से हराया था। अर्जुन राम को 6.57 लाख वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के मदन गोपाल को 3.93 लाख लोगों ने वोट किया था।

बीकानेर लोकसभा सीट में 8 विधानसभा सीट आती हैं। इनमें से दो पर कांग्रेस और छह सीटों पर बीजेपी का कब्जा है।

बीकानेर लोकसभा क्षेत्र में लगभग 20.43 लाख मतदाता हैं। इनमें 10.75 लाख पुरुष, 9.67 लाख महिला और 32 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। जातियों की बात करें तो इस बीकानेर सीट पर जाट, बिश्नोई, राजपूत, ब्राह्मण, मुस्लिम, एससी और ओबीसी के वोटर मुख्य रूप से हैं।

बीकानेर में एकदूसरे के खिलाफ खम ठोक रहे अर्जुन राम मेघवाल और गोविंद राम मेघवाल, दोनों ही दलित समाज में अपनी अच्छी पकड़ रखते हैं। तीन बार सांसद बनने से अर्जुन राम मेघवाल की दलित नेता के रूप में देश की राजनीति में बड़ी पहचान बनी है। पिछले चुनाव में अर्जुनराम मेघवाल करीब 2.60 लाख वोटों से विजयी हुए थे। दूसरी ओर मास्टर भंवर लाल के निधन के बाद गोविंद राम मेघवाल प्रदेश की राजनीति में बड़े दलित नेता के रूप में पहचान बनाए हुए हैं।

तीन राम और तीन मेघवाल
बीकानेर सीट पर बड़ा ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां तीन मुख्य दलों ने मेघवाल समुदाय के लोगों को ही टिकट दिया है।

इन सबसे ज्यादा रोचक यह है कि तीनों प्रत्याशियों के नाम के साथ राम जुड़ा है। यहां चर्चा है कि बीकानेर में राम का मुकाबला खुद राम से हो रहा है। बीजेपी के राम का मुकाबले में कांग्रेस और बीएसपी ने भी राम को ही मैदान में उतारा है।

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