Rajasthan News: छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी NSUI में शामिल,सचिन पायलट ने दिया रिएक्शन
Jaipur News: राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी ने आज NSUI ज्वाइन करते ही सचिन पायलट ने अपना रिएक्शन दिया है।
आज राजस्थान की सबसे बड़ी नेताओं की फैक्ट्री कही जाने वाली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी एनएसयूआई में शामिल हो गए।

एनएसयूआई में शामिल होने के बाद निर्मल चौधरी ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। और कहा कि वह भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालकर जवान और किसान के न्याय की बात कर रहे हैं।
आज मुझे कांग्रेस पार्टी और एनएसयूआई की सदस्यता दिलाने के लिए श्री @RahulGandhi जी , @kharge जी, @kcvenugopalmp जी, @priyankagandhi जी, @kanhaiyakumar जी एवं @varunchoudhary2 जी का हार्दिक आभार ।@nsui @INCIndia#NirmalChoudhary pic.twitter.com/qPInfawXqR
— Nirmal Choudhary (@NirmlChoudhary) February 17, 2024
राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी एनएसयूआई में शामिल हो गए हैं। वहीं इसको लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रिएक्शन देते हुए खुशी जाहिर की है।
पायलट ने कहा है कि ''मुझे खुशी है कि निर्मल चौधरी छात्रों के अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे'' वहीं, निर्मल चौधरी ने कहा कि वह छात्र और युवाओं की लड़ाई लड़ेंगे और उनके लिए संघर्ष करेंगे।
सचिना पायलट ने निर्मल चौधरी के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर कर 'एक्स' पर लिखा, "राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे निर्मल चौधरी को NSUI की सदस्यता ग्रहण करने पर बधाई देता हूं।
मुझे खुशी है कि NSUI परिवार के सदस्य के रूप में आप सदैव छात्रों के अधिकारों की आवाज को बुलंद करेंगे,आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।
वहीं, निर्मल चौधरी ने एनएसयूआई ज्वाइन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए बीजेपी पर हमला बोला और राहुल गांधी की तारीफ करते हुए 'एक्स' पर लिखा, ''आज एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में शामिल हुआ।
ऐसे वक्त में जब देश के किसान और जवान की आवाज़ को सरकार दबा रही है, अग्निवीर जैसी छात्र-युवा विरोधी योजना लाकर सेना को बर्बाद किया जा रहा है।
तब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में लगातार जवान और किसान के न्याय की बात कर रहे है।
आपकों बता दे कि निर्मल चौधरी अगस्त 2022 में राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे। वह एबीवीपी को हराकर प्रेसिडेंट बने थे।
बताया जाता है कि वह कांग्रेस के विधायक के करीबी थे फिर भी उन्होंने एनएसयूआई का टिकट नहीं मांगा था। एनएसयूआई ने रितु को टिकट दिया था जो कि तीसरे स्थान पर रही थीं।












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