टैरिफ की चोट: राजस्थान का ₹18 हज़ार करोड़ का निर्यात संकट में, अमेरिका किन वस्तुओं का सबसे बड़ा खरीदार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर न केवल भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को चुनौती दी है, बल्कि भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को भी प्रभावित करने की दिशा में कदम उठाया है। इस टैरिफ वॉर का असर राजस्थान के निर्यातकों पर भी गहराई से पड़ने वाला है।

राजस्थान से अमेरिका को मार्बल, ग्रेनाइट, इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग गुड्स, हैंडीक्राफ्ट, जयपुर से जेम्स-ज्वेलरी, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। यह निर्यात लगभग ₹18,000 करोड़ सालाना का होता है, जो मौजूदा टैरिफ वॉर से गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। अगर अमेरिका द्वारा लगाया गया यह टैरिफ स्थायी रहा, तो राजस्थान के कई प्रमुख निर्यात उद्योगों पर अस्तित्व का संकट आ सकता है।

Rajasthan

3 माह में 50 प्रतिशत गिर गया निर्यात

टैरिफ बढ़ने की आशंका के चलते बीते तीन माह में ही राजस्थान से अमेरिका को होने वाले निर्यात में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो फार्मास्यूटिकल को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों का निर्यात लगभग ठप हो सकता है। अमेरिका द्वारा की गई टैरिफ स्ट्राइक से जेम्स-ज्वेलरी, मार्बल-ग्रेनाइट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों की उत्पादन इकाइयों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है।

अमेरिकी बाजार से बाहर होने का खतरा

जेम्स-ज्वेलरी निर्यातक अशोक माहेश्वरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिकी बाजार में पहले से ही राजस्थान के जेम्स-ज्वैलरी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। अब 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद अमेरिकी बाजार से बाहर होने का वास्तविक खतरा सामने आ गया है।

दूसरे बाजारों की तलाश में निर्यातक

मार्बल-ग्रेनाइट निर्यातक सुरेंद्र जैन का कहना है, "हम अमेरिका की व्यापारिक नीतियों को भली-भांति समझते हैं। इसलिए 2 अप्रैल 2025 के बाद से ही हम विकल्पों की तलाश में जुटे हैं। हमें उम्मीद है कि अरब, यूरोप, एशियाई और अफ्रीकी देशों में बेहतर बाजार खोजने में सफलता मिलेगी।"

ब्याज समकारी योजना को पुनर्जीवित करना जरूरी

निर्यातकों का कहना है कि टैरिफ वॉर के बीच राज्य सरकार को ब्याज समकारी योजना को पुनर्जीवित करना चाहिए। इस योजना के तहत एमएसएमई निर्यातकों को 3% और अन्य पात्र निर्यातकों को शिपमेंट से पहले और बाद के रुपया निर्यात ऋण पर 2% ब्याज सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।

25 प्रतिशत बेस टैरिफ और 25 प्रतिशत पेनल्टी

अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ दो चरणों में लगाया है। पहला 25 प्रतिशत बेस टैरिफ 30 जुलाई 2025 से लागू कर दिया गया था। इसके बाद, रूस से तेल आयात के चलते भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ भी लगाने की घोषणा की गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अगस्त 2025 को इसका कार्यकारी आदेश जारी किया। 25 प्रतिशत बेस टैरिफ 7 अगस्त 2025 से प्रभावी हो गया है, जबकि पेनल्टी टैरिफ आगामी 21 दिनों की अवधि के लिए लागू रहेगा।

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