राजस्थान पुलिस: CCTV फुटेज में दिखीं 2.70 करोड़ चुराने वालों की आंखें, चूरू SP ने AI से फोटो बनवाकर पकड़ा गिर
राजस्थान पुलिस ने खुद को नए जमाने के साथ ढालना शुरू कर दिया है। एआई का इस्तेमाल करके अपराधियों को पकड़ने लगी है। ताजा मामला राजस्थान के चूरू में आया है, जहां 2.70 करोड़ के आभूषण चुराने वालों को AI से फोटो बनवाकर पकड़ा गया है।
राजस्थान में एसआई से तैयार करवाई गई फोटो के जरिए अपराधियों को पकड़ने का संभवतया यह पहला मामला है। चूरू में दस दिन पहले ज्वैलर्स के यहां 2.70 करोड़ की चोरी हुई थी। चूरू पुलिस के 30 जवानों ने 1000 सीसीटीवी खंगाले और चोरों के पूरे गिरोह को ही पकड़ लिया।

चूरू एसपी जय यादव कहते हैं कि चूरू पुलिस ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नकाबपोशों की आंखें देखकर एसआई से फोटो तैयार करवाई और आंखों का मिलान करके गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। चूरू पुलिस की साइबर सेल, डीएसटी, एजीटीएफ, एफएसएल टीम का सहयोग रहा। कांस्टेबल जगदीश व रमाकांत को मिली लीड के आधार पर आरोपियों को पकड़ा।
हुआ यूं कि चूरू में 30 नवंबर को ज्वैलर्स के यहां दो करोड़ 70 लाख के गहने और नकदी चोरी हुई थी। वारदात को यूपी की बैटरी गैंग ने अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों में भागीरथ (42), यादराम (52) निवासी औरेया यूपी और अजय सिंह निवासी झोटवाड़ा को पकड़ा है। दो आरोपी अभी फरार हैं।
चूरू के रतनगढ़ निवासी छगनलाल सोनी ने एक दिसंबर को चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। चूरू पुलिस के 30 जवानों ने रतनगढ़, राजलदेसर, परसनेऊ, बीदासर, जसवंतगढ़ बाइपास और लाडनूं के करीब 1000 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक फुटेज में संदिग्ध कार दिखी। जिसमें बैठे आरोपियों की आंखें दिखाई दी।
उन्हीं आंखों के आधार पर चूरू पुलिस ने एआई तकनीक से 200 फोटो की सिक्वेंस बनाई। आरोपियों ने नकाब लगा रखा था। हाथों में दस्ताने पहने हुए थे। उनकी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस ने एसआई के साथ-साथ दूसरे राज्यों की पुलिस की मदद से गिरोह को पकड़कर मामले का खुलासा कर दिया।












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