Rajasthan: नेताओें की खान है राजस्थान का यह छोटा सा गांव, विधानसभा चुनाव में दिए कुल 13 विधायक, 23 प्रत्याशी
Rajasthan Election 2023: आपने सोने, चांदी, हीरे, तांबे आदि की खानें देखी-सुनी होगी। पर क्या कभी नेताओं की खान के बारे में सुना है? नहीं ना! लेकिन यकीन मानिए राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा गांव है जो नेताओं की खान के नाम से जाना जाता है। ये छोटा सा गांव धोद विधानसभा क्षेत्र में आने वाला कूदन गांव है। जहां अब तक के 15 में से 14 विधानसभा चुनाव में 23 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। जिनमें से 11 चुनाव जीत चुके हैं। वहीं, एक नेता तीन बार सांसद रहने के साथ केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।
एक चुनाव छोड़ सबमें उतरे, जीते भी
राजस्थान में अब तक 15 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें से केवल 2018 का पिछला विधानसभा चुनाव ही ऐसा रहा जिसमें गांव से कोई प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं था। बाकी हर चुनाव में यहां के एक से तीन प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। इनमें सबसे ज्यादा 12 बार चुनाव में उतरे रामदेव सिंह महरिया ने सात चुनाव जीते और स्वास्थ्य सहित कई विभागों के मंत्री भी रहे। उनके बाद रामचंद्रसिंह सुंडा ने तीन में से दो चुनावी मुकाबले अपने नाम किए।

इनके अलावा गांव के झाबर सिंह तथा नंदकिशोर महरिया तीन-तीन चुनाव लड़ एक- एक चुनाव जीत विधानसभा की दहलीज पहुंच चुके हैं। गांव से एक- एक विधानसभा चुनाव लडऩे वाले गणेशराम व सुभाष महरिया ही विधानसभा की दहलीज से दूर रहे हैं। हालांकि इनमें से महरिया तीन बार लोकसभा चुनाव जीतने सहित वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
इस बार भी दो उम्मीदवार मैदान में
राजस्थान में इस बार हो रहे विधानसभा चुनाव में भी गांव से दो सगे भाई सुभाष महरिया व नंदकिशोर महरिया चुनावी मैदान में है। खास बात है कि दो विधानसभा क्षेत्रों से दोनों अलग- अलग दल से चुनाव लड़ रहे हैं। सुभाष महरिया लक्ष्मणगढ़ से भाजपा और नंदकिशोर महरिया जेजेपी से चुनावी मैदान में है।
जागरुकता व आंदोलन के लिए प्रसिद्ध
कूदन गांव किसान आंदोलन व जागरुकता के लिए जाना जाता है। ब्रिटिश काल में 1935 में यहीं सबसे बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। जिसमें 57 स्वतंत्रता सेनानी जेल गए थे। आंदोलन की चर्चा ब्रिटिश पार्लियामेंट तक में हुई थी। शिक्षा व चिकित्सा में भी यह गांव काफी आगे रहा है। जहां 1959 में ही हायर सैकंडरी स्कूल खोलनी पड़ी थी। प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी यहीं सबसे पहले खुला।
अब तक इन उम्मीदवारों ने लड़ा चुनाव
1952: रामदेव सिंह, कांग्रेस, सीकर तहसील, हार
1957 रामदेव सिंह, कांग्रेस, सिंगरावट, जीत
1957 गणेश राम, सीपीआई, सीकर, हार
1962 रामदेव सिंह, कांग्रेस, सिंगरावट, जीत
1962 रामचंद्र सिंह, कांग्रेस, श्रीमाधोपुर, जीत
1967 रामदेव सिंह, कांग्रेस, सीकर, जीत
1967 रामचंद्र सिंह, निर्दलीय, खंडेला, जीत
1972 झाबर सिंह, आईएनसी(ओ), फतेहपुर, जीत
1972 रामदेव सिंह, कांग्रेस, सीकर, हार
1977 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, जीत
1977 झाबर सिंह, कांग्रेस, खंडेला, हार
1980 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, जीत
1980 रामचंद्र सिंह, निर्दलीय, सीकर, हार
1985 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, जीत
1990 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, जीत
1993 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, हार
1998 रामदेव सिंह, कांग्रेस, धोद, हार
2003 झाबर सिंह, एनसीपी, सीकर, हार
2003 रामदेव सिंह, निर्दलीय, धोद, हार
2003 नंदकिशोर महरिया, भाजपा, फतेहपुर, हार
2008 नंदकिशेार महरिया, भाजपा, फतेहपुर, हार
2013 नंदकिशोर महरिया, निर्दलीय, फतेहपुर, जीत
2013 सुभाष महरिया, भाजपा, लक्ष्मणगढ़, हार












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