जज बोले-'पुलवामा शहीद के बेटा-बेटी को साथ रखने व बेटी की शादी का जिम्मा लेने को मैं तैयार हूं'
Pratapgarh News, प्रतापगढ़। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों के साथ पूरा खड़ा है। हर कोई अपने-अपने तरीके से शहीद के परिजनों की मदद को भी आगे आ रहा है। राजस्थान में तो एक जज ने शहीद परिजनों के साथ बेटा-बेटी को अपने पास रखने और बेटी की शादी करने का प्रस्ताव रखा है।

दरअसल, सोमवार को प्रतापगढ़ जिले के जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शर्मा और पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश आशा कुमारी शर्मा पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवान नारायण गुर्जर के गांव बिनोल स्थित निवास पर पहुंचे। उन्होंने शहीद नारायण गुर्जर को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। इसके साथ ही वीरांगना को प्रतापगढ़ शहीद सहायता कोष की तरफ से एक लाख रुपए की राशि का डीडी दिया।

इस दौरान उनके साथ अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लक्ष्मीकांत वैष्णव, अभिभाषक संघ के अध्यक्ष सीपी सिंह, सचिव रमेशचंद्र शर्मा, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र बोरदिया आदि साथ थे। जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हम आज पवित्र हो गए, हमने चारों तीर्थों के दर्शन कर लिए हैं। उन्होंने परिवार से कहा कि आप अकेले नहीं हैं। पूरा देश आपके साथ है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगर शहीद का परिवार इजाजत देवें तो शहीद के पुत्र मुकेश और पुत्री हेमलता को हम बच्चों की तरह रखने, शिक्षा-दीक्षा और हेमलता के विवाह का जिम्मा संभालने के लिए तैयार हैं।












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