Phalodi Satta Bazar: लोकसभा चुनाव 2024 में किसको कितनी सीटें व भाव दे रहा फलोदी सट्टा बाजार?
Phalodi Satta Bazar ka Bhav: चुनाव आयोग 16 मार्च 2024 की अपराह्न 3 बजे लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनावी शंखनाद के साथ ही लोगों की नजरें राजस्थान के फलोदी सट्टा बाजार पर भी रहेगी।
लोकसभा चुनाव 2024 का कार्यक्रम तय होने के मौके पर जानिए फलोदी सट्टा बाजार में आज के भाव क्या चल रहे हैं? किसको कितनी सीटें दे रहा है? फलोदी सट्टा बाजार काम कैसे करता है? कितनी सही साबित होती हैं फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणी?

नाम नहीं छापने की शर्त पर फलोदी सट्टा बाजार से जुड़े शख्स ने बताया कि बात अगर पूरे सेशन की करें तो कांग्रेस को 40-42 सीटें,BJP को 335 से 340 सीटें मिलने का अनुमान यहां लगाया जा रहा है। वहीं, राजस्थान में भाजपा को 24-25 सीटें मिल सकती है। नागौर जैसी एक सीट पर कांग्रेस या अन्य दल को दे रहे हैं। हालांकि पूरी तस्वीर सभी 25 सीटों पर टिकटें बांटे जाने के बाद साफ होगी।
फलोदी सट्टा बाजार राजस्थान की 24-25 (भाजपा) सीटों के एक रुपए, गुजरात की सभी 26 सीटों के 40-50 (सेशन) और दिल्ली की 7 सीटों के लिए 50-60 पैसा भाव दे रहे हैं। यूपी में 75 के भाव 1 रुपए बता रहे हैं।
वहीं, लोकसभा चुनाव 2024 में अबकी बार 400 का नारा देने वाली भाजपा के लिए 300 सीटों के भाव 15 पैसे, 350 सीटों के भाव 2 रुपए व 335-340 सीटों के भाव बराबर (1 रुपए) के निकाल रखे हैं।
फलोदी सट्टा बाजार का इतिहास?
राजस्थान के जोधपुर से 144 किलोमीटर की दूरी पर फलोदी कस्बा है, जो पहले जोधपुर की तहसील हुआ करता था। साल 2023 में अशोक गहलोत ने फलोदी को भी जिला बना दिया।
फलोदी में गांधी चौक है, जो यहां के सट्टा बाजार का केंद्र बिंदु कहा जात सकता है। हालांकि फलोदी की सट्टा बाजार वाली छवि सुधारने के लिए अब इस जगह का नाम बदलकर हेरिटेज मार्केट कर दिया गया है।
फलोदी सट्टा बाजार से जुड़े लोग इसे 500 साल पुराना बताते हैं। कहते हैं कि पहले के जमाने में लोग गांधी चौक पर एकत्रित होकर हवा आंधी-बारिश के अलावा जूता-चप्पल उछालकर सीधा गिरेगा या उल्टा? सांडों की लड़ाई में हार-जीत तक पर सट्टा लगा दिया करते थे।
फलोदी सट्टा बाजार कैसे काम करता है?
जमाना बदला और लोगों की चुनावों के रुझान, परिणाम में दिलचस्पी बढ़ने लगी तो फलोदी के सटोरिए और दलालों ने इस पर पकड़ बनानी शुरू की।
फलोदी सट्टा बाजार से जुड़े लोग दावा करते हैं कि यहां के सटोरिए चुनावों में ग्राउंड लेवल की रिपोर्ट लेने के बाद दांव लगाते हैं और अपने अनुमान बताते हैं।
इसके लिए बाकायदा अपने नेटवर्क के लोगों को ग्राउंड लेवल पर भेजते हैं। इसके अलावा जहां चुनाव हो रहे वहां रहने वाले अपनी जान-पहचान के लोगों से लगातार फीडबैक लेते रहते हैं। कई चुनावों में फलोदी सटटा बाजार के अनुमान गलत भी साबित हुए हैं।
नोटः यहां पर दी गई जानकारी अखबार, मीडिया रिपोर्ट्स और सट्टा बाजारों के जानकारों के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications