Pankaj Tiwari : 4 बार फेल होकर बना सिविल जज, सोशल मीडिया पर शेयर की success story
श्रीगंगानगर, 16 सितम्बर। यह कहानी है एक ऐसे युवा की जो बार बार असफल हुआ, मगर हिम्मत नहीं हारी। मेहनत करना नहीं छोड़ा और आखिर में सिविल जज बनकर ही माना। नाम है पंकज तिवाड़ी। इसने सोशल मीडिया पर खुद अपनी स्टोरी शेयर की है। लिखा कि 'हमेशा याद रखें कि आप अपने नसीब के मालिक खुद हैं। आपसे आपका सब कुछ छीना जा सकता है पर आपका नसीब नहीं।

पंकज तिवाड़ी, 55वीं रैंक सिविल जज
बता दें कि हाल ही राजस्थान सिविल जज कैडर 2021 परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। पंकज तिवाड़ी का 55वीं रैंक पर चयन हुआ है। पूरे राजस्थान में इस बार न्यायिक सेवा परीक्षा में बेटियों ने बाजी मारी है। कुल 120 पदों में से 71 पर बेटियों का चयन हुआ है। चूरू के बीदासर कस्बे से आने वाली अंजलि जानू टॉपर बनी है।

एक नंबर से साक्षात्कार छूटा
श्रीगंगानगर के रहने वाले पंकज तिवाड़ी ने बताया कि साल 2018 से 2020 के दौरान मुझे चार बार न्यायिक सेवा परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा। एक नंबर से भी साक्षात्कार में रहा हूं। फिर भी उम्मीद नहीं छोड़ी। ना ही मेहनत करना। नतीजा हम सबके सामने है।

सही बॉल आते ही छक्का लगा दो
अपनी फेसबुक प्रोफाइल एक दिन पहले ही पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि 'आप लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और परिणाम नहीं मिले तो ऐसा लगता है कि आप सूख चुकी नदी के पास रोज एक लौटा पानी लेकर जाते हैं और रोज उसे पानी के सपने दिखाते हैं। लोग आप पर आपकी मेहनत पर सवाल उठाने लगते हैं पर ये एक ऐसा समय है जब आपको खुद को खुद में समेटना पड़ता है और अपने सही समय का इंतजार करना होता है ताकि सही बॉल आते ही छक्का लगा सके और ऐसा ही मैं मानता हूं'

पांचवें प्रयास में मिली सफलता
2018 सिविल जज भर्ती में फेल
2019 में सिविल जज भर्ती में फेल
2019 आरपीएससी जूनियर लॉ अफसर भर्ती में फेल
2020 एमपी सिविल जज भर्ती में फेल
2022 में राजस्थान सिविल जज भर्ती में चयन

पंकज तिवाड़ी की मॉटिवेशनल बातें
असफलता और संघर्ष के इस दौर को शायद याद किया जा सकता है पर शब्दों में पिरोया नहीं जा सकता। ऐसे समय के लिए बस यही कहा जा सकता है की अपने अंदर भूख रखिए और नासमझ बने रहिए।
विफलता के महत्व एवम मूल्य को भी समझिए और मेहनत और मजबूती के साथ असफलता से बाहर आईए! अगर आपको लगता है कि कोई चीज़ आपके लिए नहीं बनी है तो उसे पाने के लिए पागल बने रहिए! जीभ जलने पर अगर हम रोटी नहीं छोड़ते तो असफलता मिलने पर मेहनत करना क्यों छोड़ दे..?
याद रखें जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो आपका एक-एक प्रयास गिना जाएगा। खुद को स्थापित करने के लिए कोई वन-वन भटका है तो किसी ने घास कि रोटी भी खाई है आपको भी खुद को किसी ना किसी तरह निखारना पड़ेगा।
अपनी ऊर्जा को किसी भी नकारात्मक कार्य में ना लगाएं। सफल लोगों की बजाय असफल लोगों की कहानियां ज्यादा पढ़ें। प्रयास और परिणाम के अंतराल में आप जितनी साधन और धेर्य से काम करेंगे। वहीं, आपकी जीत सुनिश्चित करेगा।












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