लाचारी : बेटी का शव मोर्चरी में रख मां ने मेले में सजाई खिलौने की दुकान, सुबह किया अंतिम संस्कार
पाली। राजस्थान के पाली के साइंस पार्क में बेटी की मौत के बाद मां की इस तस्वीर ने मानो सबको निशब्द कर दिया। गरीबी की मजबूरी ने कोमल दिल वाली मां को ऐसा कठोर बना दिया कि वह कर्जदारी से बचने के लिए अपना दर्द भूल गई।

बेटी की चिता की राख ठंडी ही नहीं हुई कि वह दाह संस्कार के तुरंत बाद उसी सड़क पर आकर बैठ गई, जहां उसने शीतला सप्तमी मेले को लेकर बच्चों के खिलौने सड़क पर सजाए थे। खिलौने बेचने की लालसा में वह मानो पत्थर सी सख्त हो गई, क्योंकि 35 हजार रुपए के खिलौने उसने उधार में अजमेर के व्यापारियों से खरीदे थे।
रातभर रोने से सूजी आंखें, कंपकंपाते हाथ और सधे गले से वह रात 12 बजे तक खिलौने लेकर बैठी रही जब मेला खत्म न हो गया। यह कहानी जयपुर के लालसोट से शीतला सप्तमी मेले को लेकर दो बेटियों के साथ पाली पहुंची सुगना की है। रविवार को पाली पहुंची सुगना की बड़ी बेटी सात साल की पिंकी साइंस पार्क में झुला झूलने गई। झूले से पैर फिसलने से गिर पर चोट लगी और मौत हो गई। मोर्चरी में शव रखवा सुगना खिलौने बेचने आ गई। पूरी रात रोकर निकालने के बाद सोमवार को पिंकी को अपने गले से लगाकर हिंदू सेवा मंडल के मोक्षधाम में अंतिम संस्कार करवाया।
पति को लकवा तो खुद फेफड़े में छेद से पीड़ित
पति अर्जुन को लकवा और सुगना अजमेर से खिलौने खरीदती और मेले में दुकान लगाकर परिवार की जिम्मेदारी निभाती। पिंकी के मौत की सूचना मिली तो सुगना बेसुध हो गई।












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