Rajasthan News: सचिन पायलट की राह पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, अपनी ही सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
Rajasthan News: राजस्थान में भजन लाल शर्मा की सरकार में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा बुधवार को अचानक एसओजी के दफ्तर पहुंच गए। यहां मंत्री किरोड़ी मीणा ने पेपर लीक को लेकर अहम सबूत सौंपे हैं। किरोड़ी लाल मीणा का दावा है कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण ने एसओजी के अधिकारियों को 64 लाख रुपए की रिश्वत दी थी।
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के अचानक एसओजी दफ्तर पहुंचने और पेपर लीक को लेकर इतना बड़ा आरोप लगाने के बाद प्रदेश की सियासत में बवाल खड़ा हो गया है। अब मंत्री किरोड़ी लाल को प्रदेश में बागी नेता के तौर पर देखा जाने लगा है। उनके इस एक्शन को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। राजनीति के जानकार अब बाबा की तुलना पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में बागी रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पूर्ववती सरकार में तत्कालीन विधायक सचिन पायलट ने पेपर लीक को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ अजमेर स्थित आरपीएससी से लेकर जयपुर तक पैदल मार्च किया था। इसके बाद सचिन पायलट ने जयपुर में अनशन किया था। अब मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उसी राह पर निकल पड़े हैं। मंत्री किरोड़ी लाल में ने एसओजी के सामने सबूत पेश करते हुए चेतावनी दी है कि इसके बावजूद अगर कार्रवाई नहीं होती है तो वे आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि अगर 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे सख्त कदम उठाएंगे। किरोड़ी लाल मीणा के सबूत पेश करने के बाद राजस्थान में पेपर लीक मामले में नया मोड़ आ गया है।
क्या है पूरा मामला
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एसओजी के सामने दावा किया कि उदयराम और सुरेश ढाका जो शिक्षक भर्ती पेपर लीक के मुख्य आरोपी हैं और फरार चल रहे हैं। उन्हें एसओजी इंस्पेक्टर मोहन पोसवाल ने भगा दिया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन उदयराम और सुरेश ढाका पकड़े जाएंगे। उस दिन पूर्ववर्ती सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा नेता पकडे जाएंगे। इन नेताओं ने पेपर लीक करवाया है। हालांकि इस दौरान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया के सामने उनके नाम लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नाम बताना ठीक नहीं होगा।
पायलट ने भी सरकार के खिलाफ खोला था मोर्चा
गहलोत सरकार में तत्कालीन विधायक सचिन पायलट ने साल 2023 में अजमेर से जयपुर तक पदयात्रा की थी। सचिन पायलट ने यह पदयात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ की थी। इसे जन संघर्ष यात्रा का नाम दिया गया था। पायलट ने इस यात्रा के दौरान पेपर लीक मामले पर गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला था। इसके बाद सचिन पायलट ने जयपुर में आमरण अनशन भी किया था।
किरोड़ी लाल मीणा के बागी तेवर
भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। जब तक इस्तीफा राज्यपाल द्वारा स्वीकार नहीं कर लिया जाता। तब तक वह राज्य में मंत्री के तौर पर बने रहेंगे। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बागी तेवर अपना लिए हैं। हालांकि उन्हें अपने बागी तेवरों के लिए जाना जाता है। लेकिन उनके इस रवैया से भाजपा और सरकार दोनों खफा नजर आ रहे हैं।
सचिन पायलट की राह पर किरोड़ी मीणा
राजनीति के जानकारों की माने तो भजनलाल सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा सचिन पायलट की राह पर निकल गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार में विधायक सचिन पायलट भी ऐसे ही तेवरों के साथ नजर आते थे। अब बाबा ने भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किरोड़ी लाल मीणा पूर्वी राजस्थान में आदिवासी समुदाय पर बड़ी पकड़ रखने वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं। राजस्थान की राजनीति में उनका संघर्ष बड़ा लंबा है।












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