Lok Sabha Election: आखिर 13 अप्रेल को क्यों नेम सिंह फौजदार ने जाट महापंचायत का किया ऐलान ? जानिए वजह
Lok Sabha Elections: राजस्थान में लोकसभा चुनाव के लिए जारी प्रचार अभियान में भाजपा प्रत्याशी की एक सभा में सवाल पूछने के कारण एक शख्स की पिटाई करने अब भाजपा को भारी पड़ती नजर आ रही है। अब यह मामला तुल पकड़ने लगा है। पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए जाट समाज ने महापंचायत का ऐलान कर दिया।
चुनावी जनसभा में भाजपा प्रत्याशी से सवाल पूछने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक शख्स की बेरहमी से पिटाई कर दी।पिटाई के बाद जब पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने अभी तक मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

पूरा मामला राजस्थान के भरतपुर जिले का है। इस घटना में पीड़ित शख्स जाट समाज से है। गुरुवार को यह मामला गरमाने लगा है। मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद जाट समाज के लोगों ने महापंचायत बुलाई है। साथ ही राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल गुरुवार को भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार और कमेटी के सदस्यों ने गुरुवार को भरतपुर के एडिशनश डिवीजनल कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में जाट समाज ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप कोली की नुक्कड़ चुनावी सभा मे भाजपा प्रत्याशी से सवाल पूछने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जाट समाज के एक व्यक्ति के साथ मारपीट की। भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने कोली से सवाल पूछने वाले उस शख्स की बेरहमी से पिटाई की थी।
मामले में जाट नेता फौजदार और अन्य ने बताया कि पीड़ित ने जब पुलिस थाने में घटना की एफआईआर दी तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उल्टा पीड़ित को परेशान किया जा रहा है। इसके विरोध में 13 अप्रैल को कुम्हेर के पेंघोर में चामड़ मन्दिर पर जाट समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी। जिसमें आगे का फैसला लिया जाएगा।
इसके साथ ही जयपुर के सांगानेर इलाके में एक जमीनी विवाद में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का भी जाट समाज ने विरोध किया है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति का आरोप है कि भरतपुर व धौलपुर लोकसभा सीट पर जाट आरक्षण संघर्स समिति ने ऑपरेशन गंगाजल चला कर भाजपा का विरोध कर रही है इसलिए हमारी आवाज को दबाने के लिये जाट समाज को निशाना बनाया जा रहा है।
आपकों बता दे कि भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज ने केंद्र की सरकारी नौकरी में आरक्षण के लिए लंबे समय तक आंदोलन किया था। इस आंदोलन को नेम सिंह फौजदार ने ही लीड किया था। सरकार से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन तो स्थगित कर दिया गया लेकिन जाट समाज के लोगों की मांग पूरी नहीं हुई। इस कारण बीते दिनों संघर्ष समिति ने महापंचायत कर भाजपा को वोट नहीं करने का फैसला किया था।












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