Neetu Kinnar : कोख से एक भी बेटी नहीं जन्मी पर 100 बेटियों की 'मां' हैं नीतू, 1 Cr. खर्च करके करवाई शादी
नीतू किन्नर भरतपुर राजस्थान ( Neetu Kinnar Bharatpur Rajasthan) का वो नाम जिसे कुदरत ने अपनी कोख से बेटी पैदा करने का सुख नहीं दिया, मगर आज ये 100 बेटियों की मां हैं। उनकी शादी करवाई चुकी हैं। अगले माह दस और बेटियों के हाथ पीले करेंगी। गरीब परिवार की बेटियों का कन्यादान करके नीतू किन्नर को सुकून मिलता है। यही वजह है कि दस साल पहले शुरू हुई बेटियों की शादी करवाने की यह मुहिम आज भी जारी है। इसके लिए नीतू किन्नर ने अब तक अपनी जेब से करीब एक करोड़ खर्च कर दिए, जिनका कोई मलाल नहीं बल्कि खुशी है। बदले में सौ बेटी-दामाद का प्यार पा रही हैं।

किन्नर समाज भरतपुर राजस्थान
भरतपुर जिला मुख्यालय पर कुम्हेर गेट के पास नवरंग स्टूडियो वाली गली में किन्नरों की एक पुस्तैनी हवेली है, जो किसी पहचान की मोहताज नहीं। यहां किन्नर समाज की कई पीढ़ियां पली बढ़ी हैं। यहीं पर 65 वर्षीय किन्नर नीतू रहती हैं।

इन्हें प्यार से नीतू बाई या नीतू मौसी कहकर बुलाते
भरतपुर के लोग इन्हें प्यार से नीतू बाई या नीतू मौसी कहकर बुलाते हैं और 100 बेटी-दामाद के लिए ये मां हैं। शादी के बाद ये बेटियां ससुराल से आती हैं तो वे सबसे नीतू मां से मिलना नहीं भूलती। नीतू किन्नर की तबीयत जरा भी नासाज हो जाती है तो इनसे मिलने आने के लिए बेटियों की लाइन लग जाती है।

किन्नर नीतू मौसी का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में नीतू किन्नर ने बताया कि वे किसी समारोह या खुशी के मौके पर जजमानों के घर जाती है तब रुपयों के साथ साथ गहने व कपड़े भी मिलते हैं। ये सब अपनी मुंहबोली बेटियों के लिए सहेजकर रख लेती हैं और फिर उनकी शादी में काम लेती हैं। हर साल एक साथ दस बेटियों की शादी करवाई जाती है। इसके लिए भरतपुर के पाई बाग स्थित अभिनंदन मैरिज होम बुक किया जाता है। यहां धूमधाम से बेटियों की शादी होती है।

इस साल नौ हिंदू व एक मुस्लिम बेटी की शादी
नीतू किन्नर बताती हैं कि इस साल होने वाली शादी खास रहेगी, क्योंकि इस बार दस में 9 हिंदू व एक मुस्लिम जोड़ा है। ऐसे में सामूहिक विवाह समारोह में एक तरफ शादी का मंडप सजेगा और मंत्र गूजेंगे तो दूसरी ओर कुरान की आयतों के साथ एक बेटी निकाह कबूल करेगी। शादी में प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी का पूरा सामान दिया जाता है, जिसमें फ्रीज, सोने व चांदी का सामान, वर-वधू के लिए कपड़े, बेड, रजाई, गद्दा, तकिया, चादर, अलमारी, 50 बर्तन आदि सामान दिए जाते हैं।

ऐसे होती है शादी की तैयारी
नीतू मौसी ने बताया कि बेटियों की शादी करवाने में उसकी चेले हीना, मुस्कान, मन्नत, स्वीटी और नीठी भी खूब मेहनत करती हैं। वे उन बेटियों को अपनी बहन मानती हैं।

अधिकतम दस बेटियों की शादी करवाती
बता दें कि अगर किसी गरीब परिवार को नीतू मौसी के खर्च पर शादी करवानी है तो परिवार को बेटी की सगाई खुद करनी होती है। फिर नीतू मौसी से सम्पर्क करना होता है। फिर मौसी और उसकी शादी की तैयारियां करती हैं। अधिकतम दस बेटियों की शादी करवाती हैं।












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