10 दिन से अटलांटिक महासागर में फंसे दो दोस्तों के लिए 'देवदूत' बनकर आए कैप्टन नीरज चौधरी, ऐसे बचाई जान
इंडिया के नीरज चौधरी की दुनियाभर में प्रशंसा हो रही है। वजह यह है कि मर्चेंट नेवी में कैप्टन नीरज की सजगता के कारण समुद्र में फंसे दो लोगों की जान बचाई जा सकी है।

'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' वाली कहावत अटलांटिक महासागर में सच साबित हुई है। यहां अथाह जलराशि के बीच दस दिन से फंसे दो लोगों के लिए एक कैप्टन देवदूत बनकर पहुंचे। दोनों को पानी से सुरक्षित निकाल लिया गया है। मर्चेंट नेवी में कैप्टन नीरज चौधरी राजस्थानी के भरतपुर की इंदिरा नगर कॉलोनी के रहने वाले हैं।

समुद्री यात्रा का रोमांच लेने निकले थे
मीडिया से बातचीत में कैप्टन नीरज चौधरी ने बताया कि 76 साल के जॉय डिटामसो एवं 65 वर्षीय कैबिनेट नामक दो दोस्त अपने पालतू कुत्ते के साथ न्यूजर्सी से सेलबोट के जरिए फ्लोरिडा की समुद्री यात्रा का रोमांच लेने निकले थे। अचानक महासागर में भयंकर तूफान आ गया और दोनों उसकी चपेट में आ गए। उनकी सैलबोट पानी में फंस गई।

40 फ़ीट ऊंची थी लहरें
पेशे से रिटायर्ड ऑटो मैकेनिक जॉय डिटॉमसो ने बताया कि 40 फ़ीट ऊंची डरावनी आवाज वाली समुद्री लहरों ने उन्हें घेर लिया था। उनकी सैलबोट भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। समंदर की लहरों में दोनों दोस्त अपने पालतू कुत्ते के साथ रास्ता भटक गए और ईंधन की कमी की वजह से उनके सैलबोट के रेडियो एवं नेविगेशन इंस्ट्रुमेंट ने भी काम करना बंद कर दिया था। 3 दिसंबर 2022 के बाद दोनों दोस्तों का सम्पर्क दुनिया से कट चुका था। ऐसे में समंदर के खारे पानी को पीने के अलावा उनके पास खाने-पीने का कोई सामान मौजूद नहीं था।

कैप्टन की सजगता से बची जान
14 दिसंबर को डेलेवीरा के समुद्री तट से लगभग 200 मील की दूरी पर सिल्वर मुना टैंकरशिप कैप्टन भरतपुर निवासी नीरज चौधरी ने उन्हें नोटिस किया तो दिखाई दिया कि दोनों दोस्त हाथ हिलाकर सर्चलाइट से जान बचाने की गुहार कर रहे थे। सिल्वर मुना शिप के कैप्टन भरतपुर निवासी नीरज चौधरी ने निर्णय लेकर सजगता से दोनों यात्रियों व पालतू कुत्ते की जान बचाई।

दुनियाभर में हो रही प्रशंसा
कैप्टन नीरज चौधरी की मदद मौत को मात देकर सकुशल लौटे दोनों दोस्तों का कहना था कि उनका मौत से लगभग सामना हो चुका था लेकिन कैप्टन नीरज चौधरी की मदद से मौत को बैरंग लौटना पड़ गया। मर्चेंट नेवी के कैप्टन नीरज चौधरी के रिश्तेदार हर्षवर्धन चीमा ने बताया कि भरतपुर निवासी कैप्टन नीरज चौधरी एवं उनके सभी सहयोगियों द्वारा दिखाई गई बहादुरी की दुनिया भर में प्रशंसा की जा रही है।












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