नागौर के क्वारंटाइन सेंटर में पढ़ रहे प्रवासी मजदूर, सुबह अटेंड कर रहे योगा क्लास
नागौर। कोरोना संकट में राजस्थान के नागौर जिले में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर अलग ही नजारा देखने को मिला है। कल तक शब्दों के आखर ज्ञान से दूर ये मज़दूर अब लॉकडाउन में आखर ज्ञान सीख रहे हैं। नागौर जिले के डोडियाना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कोरोना संकट व लॉकडाउन के चलते क्वारंटाइन किए गए इन मजदूरों को सेंटर के इंचार्ज द्वारा पढ़ाया जा रहा है।

अधिकांश मजदूर अंगूठा छाप
अधिकांश मजदूर अंगूठा छाप हैं। मोबाइल में किसी के नंबर उसके नाम से सेव तक नहीं कर पाते हैं। इन मजदूरों को अपने हस्ताक्षर करने के साथ-साथ मोबाइल में किसी के नंबर उसके नाम सेव से करना भी बताया जा रहा है। इसके अलावा तनाव दूर करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। सेंटर इंचार्ज के साथ ही स्कूल के प्रधानाचार्य मणिकांता शर्मा, बीएलओ गजेंद्र सिंह राठौड़, अंबालाल, कैलाश माट, हड़मान राम आदि भी इनको पढ़ा रहे हैं। पढ़ाई के अलावा सुबह मजदूरों को योग का अभ्यास करवाया जा रहा है।
इधर, सीकर में भी पढ़ रहे मजदूर
दरअसल, कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने पर 24 मार्च की रात से देशभर में 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है। अन्य राज्यों की राजस्थान के सीकर से भी मध्य प्रदेश के गुना के रहने वाले 58 मजदूर घर नहीं लौट सके। ऐसे में उन्हें सीकर जिले के गांव सांवलोदा धायलान के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ठहराकर उनके लिए रहने व भोजन की व्यवस्था की गई। इस बीच स्कूल के वरिष्ठ अध्यापक रोहिताश थालौड़, राजेश कुमार, महेश सेवदा और बनवारी लाल शर्मा ने उन्हें पढ़ाने का जिम्मा उठा रखा है।












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