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Wing Commander Mohit Rana : दिवाली पर लौटने का वादा करके 15 दिन पहले ही घर से छुट्टियां बिताकर लौटे थे बाड़मेर

बाड़मेर, 29 जुलाई। राजस्‍थान के बाड़मेर में भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-21 क्रैश होने से देश ने विंग कमांडर मोहित राणा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल को खो दिया। दोनों बेहतरीन पायलट थे। गुरुवार रात को मिग-21 में नियमित उड़ान पर थे। बाड़मेर के गांव भीमड़ा के पास मिग-21 क्रैश हो गया और दोनों शहीद हो गए। भारतीय वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

Wing Commander Mohit Rana

मोहित राणा के पिता भी रहे फौजी

बता दें कि शहीद विंग कमांडर मोहित राणा मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गांव बोहल के रहने वाले थे। मोहित के पिता रामप्रकाश आर्मी में कर्नल पद से रिटायर हो चुके हैं। फिलहाल इनका परिवार चंडीगढ़ में रहता है। मोहित राणा का अंतिम संस्‍कार चंडीगढ़ किया जा सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

कुलगुरू बाबा कमलाहिया के दर्शन किए थे

परिजनों ने बताया मीडिया से बातचीत में बताया कि विंग कमांडर मोहित राणा 15 दिन पहले ही वह गांव आए थे। तब वे पिता और माता के सहित पुणे से आए सास-ससुर, पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ कुलगुरू बाबा कमलाहिया के दर्शन किए थे। अब दिवाली पर आने का वादा करके बाड़मेर लौटे थे। बता दें कि मोहित राणा ने दिसंबर 2005 में भारतीय वायुसेना ज्‍वाइन की थी। वे अपनी स्क्वाड्रन के फ्लाइंग कमांडर थे। मोहित राणा को बेहद अनुभवी व कुशल पायलट माना जाता था। वे किसी भी तरह की विषम परिस्थिति में प्लेन को बेहद आसानी के साथ संभाल लेने में माहिर माने जाते थे।

2500 लोगों की जान बचाई

मोहित राणा और अद्वितीय बल ट्विन सीटर मिग 21 बाइसन ट्रेनर एयरक्रफ्ट में सवार होकर रात साढ़े नौ बजे उत्‍तरलाई एयरबेस बाड़मेर से उड़ान भरी थी। थोड़ी सी देर बाद ही एयरक्रफ्ट राडार से सम्‍पर्क कट गया था। विमान में आग लग गई थी। उस वक्‍त वो बाड़मेर के गांव भीमड़ा के आसमान में था। अगर वहीं पर गिरता तो 2500 लोगों की जिंदगी दांव पर लग जाती। मोहित राणा और अद्वितीय बल ने सूझबूझ दिखाते हुए मिग-21 को गांव भीमड़ा से तीन किलोमीटर दूर रेत के टीलों की तरफ ले गए। वहां पर मिग-21 क्रैश हो गया।

22 की उम्र में ज्‍वाइन की थी भारतीय वायुसेना

26 वर्षीय शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट जम्मू के मेलू गांव के रहने वाले थे। अद्वितीय को बचपन से ही सेना में जाने का जज्बा था। उनके पिता स्वर्ण कुमार भारतीय सेना में रह चुके हैं। अद्वितीय ने 22 साल की उम्र में भारतीय वायुसेना को जॉइन कर लिया था। एनडीए में सिलेक्शन के बाद कमीशन हासिल कर लिया था। उनकी पढ़ाई जम्मू के नागरकोट सैनिक स्कूल से हुई। 2014 में एनडीए में सिलेक्शन के बाद कमीशन हासिल किया। 2018 में हैदराबाद एकेडमी से पासिंग आउट होने के बाद एयरफोर्स जॉइन की।

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