शहीद कमल कुमार को छोटी बहन ने दी मुखाग्नि, इकलौते बेटे को फौजी पिता ने किया आखिरी सैल्यूट
चूरू। कश्मीर के तंगधार में शहीद कमल कुमार को शुक्रवार शाम राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर उपखंड के साहवा कस्बे में अंतिम संस्कार किया गया। 21 वर्षीय शहीद कमल कुमार की चिता को उनकी छोटी बहन प्रमिला ने मुखाग्नि दी। वहीं, फौजी पिता धर्मेन्द्र कुमार ने आखिरी सैल्यूट किया।

2018 में भर्ती हुए थे कमल कुमार
साहवा कस्बे के रिटायर फौजी धर्मेन्द्र कुमार ढींढवाल का इकलौता बेटा कमल कुमार वर्ष 2018 में इंडियन आर्मी ज्वाइन की थी। उसे पहली पोस्टिंग कश्मीर के तंगधार में एलओसी पर मिली थी, जहां मंगलवार को पेट्रोलिंग के दौरान गाड़ी हिमस्खलन की चपेट में आने से कमल कुमार दो अन्य साथियों के साथ शहीद हो गए थे। शहीदों में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी उपखंड के हरड़िया गांव के राजेन्द्र सिंह भी शामिल थे। राजेन्द्र सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया।
Shaheed Kamal Kumar : इकलौते भाई की शहादत के बाद छोटी बहन ने रातभर यूं दिखाई हिम्मत
शहीद कमल कुमार को बहन ने दिया कंधा
शुक्रवार को साहवा में शहीद कमल कुमार की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने कमल कुमार जिंदाबाज के नारों से आसमां गूंजा दिया। वहीं, छोटी बहन प्रमिला ने भाई की अर्थी को कंधा दिया और फिर चिता को मुखाग्नि भी। जिस तिरंगे में कमल कुमार की पार्थिह देह लिपटकर आई थी वो सैन्य अधिकारियों ने शहीद की बहन को सौंपा।

चार किलोमीटर तक निकाली तिरंगा यात्रा
शुक्रवार को साहवा में शहीद कमल कुमार की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने कमल कुमार जिंदाबाज के नारों से आसमां गूंजा दिया। वहीं, छोटी बहन प्रमिला ने भाई की अर्थी को कंधा दिया और फिर चिता को मुखाग्नि भी। जिस तिरंगे में कमल कुमार की पार्थिह देह लिपटकर आई थी वो सैन्य अधिकारियों ने शहीद की बहन को सौंपा।












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