Rajasthan: कांग्रेस का 7 विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर महामंथन आज, चुनौतियों पर बनेगी रणनीति क्या ?
Rajasthan By-Election Assembaly News: राजस्थान में विधानसभा उपचुनावों को लेकर सियासी गहमा गहमी अब तेज हो गई है। भाजपा के साथ ही कांग्रेस भी उपचुनावों की तैयारी में जुट गई है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पीसीसी कार्यालय में आज 7 विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर नेताओं की फीडबैक बैठक लेंगे साथ ही नेताओं से चर्चा भी करेंगे।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय जयपुर में आज और कल दो दिन विधानसभा उपचुनावों को लेकर महामंथन होगा और प्रत्याशियों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में आज बुधवार को सुबह 11 बजे बैठक होगी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा भी शामिल होंगी।
रंधावा आज प्रदेश की 7 सीटों पर होने वाले उप-चुनाव की रणनीति पर स्थानीय नेताओं, विधायक, सांसद, पूर्व विधायक और जिलाध्यक्षों से चर्चा करेंगे। आज होने वाली बैठक में रंधावा टिकट की दावेदारी जता रहे कार्यकर्ताओं का नेताओं से फीडबैक लेंगे।
विधानसभा उपचुनावों को लेकर आज होने वाली बैठक में राजस्थान प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा भी शिरकत करेंगे। इस बैठक में झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूम्बर, चौरासी और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख कांग्रेस नेताओं की बैठक कर उप-चुनाव की तैयारियों पर चर्चा कर रणनीति तैयार होगी।
राजस्थान के अब कहां- कहां होंगे उपचुनाव ?
राजस्थान में अब 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव
1. देवली उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव क्योंकि कांग्रेस विधायक हरीशचंद्र मीणा बने चुके सांसद ।
2. दौसा विधानसभा सीट पर उपचुनाव क्योंकि कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीणा भी बन चुके सांसद ।
3. झुंझुनूं विधानसभा सीट पर उपचुनाव क्योंकि कांग्रेस विधायक बृजेंद्र ओला सांसद बन चुके हैं।
4. चौरासी विधानसभा सीट पर बाप पार्टी के विधायक राजकुमार रोत सांसद बन चुके हैं।
5. खींवसर विधानसभा सीट पर आरएलपी विधायक हनुमान बेनीवाल सांसद बन चुके हैं।
6. सलूंबर विधानसभा सीट पर बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा के निधन होने से होंगे उपचुनाव
7. रामगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक जुबेर खान के निधन होने से उपचुनाव
राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनावों में 6 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। अब कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती इन सीटों पर जीत बरकरार रखने की है। उधर भाजपा नेताओं के लिए यह उपचुनाव किसी महायुद्ध से कम नहीं है। क्योंकि टोंक, दौसा और झुंझुनूं जिले में भाजपा को जीत के लिए सचिन पायलट की चुनौती से पार पाना आसान नहीं है।
उधर नागौर में आरएलपी के हनुमान बेनीवाल, चौरासी में भारतीय किसान पार्टी (बाप) भी भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जो विधानसभा चुनावों से लेकर लोकसभा चुनावों में भी जीत का स्वाद कड़वा कर चुके है।












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