Rajasthan News: जयपुर में सजेगा मां राणी सती का दरबार, 1300 महिलाएं निकालेंगी कलश यात्रा
Rajasthan News: जयपुर में दादी सेविका अरुणा दीदी के सानिध्य में मंगलवार को नारायणी दादी सेवा संघ का 12वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मां राणी सती का दरबार सवा लाख लड्डुओं से सजेगा और 1300 से अधिक महिलाएं कलश यात्रा निकालेंगी।
दादी सेविका अरुणा दीदी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि झुंझुनूं जिले में स्थित राणी सती जिन्हें भक्त दादी मां के नाम से भी जानते हैं। दादी मां को कलियुग की दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। इन्हीं दादी मां की सेवा में नारायणी दादी सेवा संघ विगत 12 वर्षों से संचालित हो रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ संघ ने देहदान, नेत्रदान, रक्तदान, विद्यादान और अन्नदान का संकल्प लिया है। संघ ने 13,000 पीपल के वृक्ष लगाने का भी संकल्प लिया है। जिसमें से वे अब तक 7,000 पीपल के वृक्ष लगा चुके हैं।
अरुणा दीदी ने बताया कि सीकर रोड स्थित रामेश्वरम गार्डन में आयोजित होने जा रहे 12वें वार्षिकोत्वस में नौ दुर्गा के स्वरूप झांकी के रूप में प्रदर्शित किए जाएंगे। अखण्ड ज्योत के अलावा महाकीर्तन, छप्पन भोग और महाभंडारा भी आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष संघ ने पौधा यात्रा निकाली थी। जिसमें पौधों के साथ 1300 से अधिक महिलाएं शामिल हुई थी। इस बार कलश यात्रा में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा कोलकाता, पटना समेत देश के कई भागों से महिलाएं और भक्तगण वार्षिकोत्सव में शिरकत करने वाले हैं।
वार्षिकोत्सव में बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल होंगे। अरुणा दीदी और संघ से जुड़े भक्तों ने वार्षिकोत्सव का पोस्टर भी जारी किया।
आपको बता दें कि कलयुग की दुर्गा स्वरूप राणी सती माता जिन्हे भक्त प्यार से दादी मां भी पुकारते है। माता का पवित्र धाम झुंझुनूं में स्थित है। ऐसा माना जाता है कि नारायणी मां महाभारत काल में पांडव वंश में अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा ही है। जो कि कलयुग में दुबारा जन्म लेकर सती हुई थी। इसके बाद नारायणी स्वरूप में प्रकट होकर भक्तों में पूजी जाने लगी। नारायणी माता के चमत्कार के कारण देश भर से श्रद्धालु झुंझुनूं में मां के शीश नवाने आते है। भादवा नवमी तिथि को मां का भव्य मेला भरता है।












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