Loksabha Election: झालावाड़ लोकसभा सीट से दावेदार कौन ? BJP से दुष्यंंत तो कांग्रेस से प्रमोद भाया की चर्चा
Loksabha Election: लोकसभा चुनावों को लेकर देशभर में तैयारी शुरू हो चुकी है, जहां प्रदेश की अलग-अलग लोकसभा सीटों पर BJP और कांग्रेस दोनों ही दलों ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस बीच अब सियासी गलियारों के साथ-साथ जनता के बीच यह चर्चा चल रही है कि, राजस्थान की 25 अलग-अलग लोकसभा सीटों से दावेदार आखिर कौन होगा? BJP और कांग्रेस आखिर किसे प्रत्याशी बनाएंगे।

सियासी गलियारों के साथ-साथ आमजन के बीच चल रही चर्चाओं को ध्यान में रखते हुए वन इंडिया हिंदी ने 'दावेदार कौन?' सीरीज शुरू की है। जिसके तहत हम आपको बताएंगे कि आखिर आपकी लोकसभा सीट से 'दावेदार कौन?' हो सकता है।
दावेदार कौन?, में हम बात करेंगे राजस्थान की बारां-झालावाड़ लोकसभा सीट की, प्रदेश की सिसायत का सेंटर माने जाने वाली यह लोकसभा सीट आठ विधानसभा सीटें है।
यह लोकसभा सीट पर बारां जिले के बारां-अटरू, किशनगंज-शाहबाद, अंता-मांगरोल, छबड़ा और झालावाड़ जिले की झालरापाट,मनोहरथाना,खानपुर और डग विधानसभा सीटों से मिलकर यह लोकसभा सीट बनी हैं।
चर्चा है कि बारां-झालावाड़ लोकसभा सीट से एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की लोकसभा सीट पर एंट्री हो सकती है। भाजमा खेमे की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस लोकसभा सीट पर दुष्यंत की जगह वसुंधरा राजे खुद उम्मीदवार हो सकती है।
हालांकि उससे ज्यादा मजबूत दावा खुद दुष्यंत सिंह का है जो लगातार साल 2004 से 20 सालों के चार कार्यकाल से सांसद है। माना जा रहा है कि एक बार फिर बारां-झालावाड़ से दुष्यंत सिंह लोकसभा सीट से दावेदार बनाए जा सकते है।
खुद दुष्यंत सिंह भी अपने टिकट को लेकर कॉंफिडेंट नजर आ रहे है कि उनके टिकट में कोई बदलाव सम्भव नहीं है। इस बार भाजपा की ओर से उनके नाम का ऐलान हो सकता है।
राजस्थान के कोटा संभाग जिसे हाड़ौती के गढ़ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें दो लोकसभा सीट आती हैं। दोनों ही लोकसभा सीटें बीजेपी का अभेद गढ़ है।
कांग्रेस को इन दोनों ही सीटों पर उम्मीदवार की तलाश में पसीने आते हैं, क्योंकि यहां से कांग्रेस का कोई नेता उम्मीदवार बनना ही नहीं चाहता।
लेकिन इस बार चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले पूर्व खान मंत्री प्रमोद जैन भाया या फिर उनकी पत्नी उर्मिला जैन दोनों से किसी एक के नाम पर मुहर लग सकती है।
पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने अंदरखाने लोकसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज कर रखी है। हालांकि खुद के टिकट के दावे को लेकर प्रमोद जैन भाया ने इतना ही कहा कि इस सीट के लिए जो भी निर्णय होगा अच्छा ही होगा।
यहां लंबे समय से बीजेपी का कब्जा है, यहां एक ओर वसुंधरा राजे कद्दावर नेता हैं, तो दूसरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हैं। दोनों का ही कद बहुत बड़ा है और अपना जनाधार है।
ऐसे में लंबे समय से यहां बीजेपी लोकसभा चुनाव जीत रही है। वोटिंग प्रतिशत भी बीजेपी का इन सीटों पर ज्यादा है। झालावाड़-बारां लोकसभा सीट की बात करें, तो यहां कांग्रेस ने दिग्गज भी उतारकर देख लिए। लेकिन उन्हें भी धराशाई होना पड़ा।
झालावाड़-बारां लोकसभा सीट बीजेपी की सेफ सीट है। साल 1989 से साल 2009 तक वसुंधरा राजे यहां से सांसद रहीं और यहीं से वह केन्द्रीय मंत्री भी रहीं।
उसके बाद उन्हें राजस्थान की कमान सौंपी गई और वह मुख्यमंत्री बनी, इसके बाद से ही इस सीट पर उनके बेटे दुष्यंत सिंह चुनाव जीतकर आ रहे हैं. दुष्यंत सिंह साल 2009 से साल 2019 तक यहां से सांसद रहे हैं, वह वर्तमान में भी झालावाड़-बारां सीट से सांसद हैं।
8 विधानसभा में से 7 बीजेपी के पास
झालावाड़ बारां लोकसभा सीट दो जिलो में आती हैं, जिसमें झालावाड़ और बारां में 4-4 विधानसभा है. इसमें बारां में बीजेपी के पास चारों की चारों विधानसभा सीट है।
जबकि झालावाड़ में तीन विधानसभा बीजेपी के पास है। बारां जिले में बारां, छबडा, अंता और किशनगंज विधानसभा आती है, जबकि झालावाड़ में झालरापाटन, खानपुर, मनोहरथाना और डग विधानसभा आती है।
इसमें से खानपुर को छोड़कर सभी सीट बीजेपी के पास है, खानपुर से कांग्रेस के सुरेश गुर्जर विधायक हैं, जबकि झालरापाटन से वसुंधरा राजे, डग से कालूराम और मनोहर थाना से गोविंद प्रसाद विधायक हैं। जबकि अंता से कंवर लाल मीणा, बारां से रामस्वरूप बैरवा, छबडा से प्रताप सिंह सिंघवी और किशनगंज से ललित मीणा विधायक हैं।












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