Rajasthan: हवलदार सीताराम बैरवा को अंतिम विदाई, 5 साल के बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि
राजस्थान के बूंदी जिले के जमीतपुरा निवासी हवलदार सीताराम बैरवा को सोमवार को अंतिम विदाई दी गई। पांच साल के बेटे ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। उनकी शवयात्रा
में आस-पास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने 'सीताराम अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारों से आसमां गूंजा दिया।

जानकारी के अनुसार बूंदी के जमीतपुर के 34 वर्षीय सीताराम बैरवा बीते दस साल से भारतीय सेना में हवलदार पद पर लखनऊ में तैनात थे। वे क्लर्क ऑफिसर पद पर सेवाएं दे रहे थे।
रविवार को ड्यूटी के दौरान ही उनको दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी पार्थिव देह सोमवार सुबह बूंदी के जमीतपुरा लाई गई।
सीताराम के दो बेटे व बेटी पूर्वी है। पांच साल के बेटे हंस ने चिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद कोई शख्स आंसू नहीं रोक पाया। इस दौरान हंस के चाचा के शिवराज भी उनके साथ थे।
बताया जाता है कि सीताराम बैरवा के परिवार की आर्थिक शुरू से ही अच्छी नहीं थी। सीताराम के भारतीय सेना में भर्ती होने के बाद हालात सुरधने लगे थे, मगर अब उनके हार्ट अटैक से फिर स्थिति बिगड़ने को है।
सीताराम बैरवा के पिता धर्मराज बैरवा की कोरोना महामारी के दौरान मौत हो गई। घर में छोटा भाई शिवराज, 3 बहन, 75 मां जमना देवी और पति-बच्चे हैं। पूरा परिवार खेतीबाड़ी करता है।












Click it and Unblock the Notifications