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पुलवामा हमला: जैकेट व बनियान से हुई थी शहीद जीतराम की पहचान, साथी जवान ने बयां किया खौफनाक मंजर

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Bharatpur News, भरतपुर। पुलवामा में 14 फरवरी की शाम को हुआ सबसे बड़ आतंकी हमला इतना भयंकर था कि सीआरपीएफ के कई बहादुर जवानों के शवों को पहचाना भी मुश्किल था। उन्हीं में से एक शव भरतपुर के गांव सुंदरावली निवासी शहीद जीतराम गुर्जर का था। शनिवार सुबह शहीद जीतराम गुर्जर की पार्थिव देह के साथ भरतपुर आए साथी जवानों ने मीडिया व परिजनों को जब वो पूरा मंजर बयां किया तो हर किसी की रूह कांप उठी।

Jeetram gurjar Funeral in sundrawali Village of Bharatpur Rajasthan

ग्रामीणों के अनुसार जीतराम के साथी सीआरपीएफ के जवान जयपाल ने उन्हें बताया कि आतंकी हमले में जीतराम का शव भी बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया था। उसकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। शव पर काली रंग जैकेट व लाल बनियान का कुछ दिखाई दे रहा था। उसके आधार पर जीतराम के शव की शिनाख्त की गई है।

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हजारों लोग पहुंचे अंतिम विदाई देने

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जीतराम गुर्जर सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में जवान के पद पर तैनात था। जीतराम गुर्जर के पिता किसान और भाई विक्रम सिंह बेरोजगार हैं। ऐसे में बेटे की शहादत ने उन्हें काफी दुखी कर दिया है। शनिवार सुबह शहीद जीतराम गुर्जर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पूरा गांव इस अंतिम विदाई में शामिल हुआ और शहीद हुए जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद जीतराम के हैं दो बेटियां

शहीद जीतराम के हैं दो बेटियां

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल भी मौजूद थे और उन्होंने भी जीतराम गुर्जर के शहादत को सलाम किया। वहीं शहीद के भाई विक्रम सहित पूरे गांव ने सरकार से खून के बदले खून की मांग की है। जीतराम के दो बेटियां हैं। शहीद के अंतिम विदाई के समय ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। वहीं बताया जा रहा है कि शहीद के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शहीद जीतराम का परिवार एक झोपड़ी में गुजर बसर करता है। उल्लेखनीय है कि जीतराम मंगलवार को ही जम्मू कश्मीर में ड्यूटी पर लौटा था। महज 48 घंटों बाद ही शहीद हो गया।

तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, कोई नहीं रोक पाया आंसू

तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, कोई नहीं रोक पाया आंसू

धौलपुर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद धौलपुर के भागीरथ सिंह को शनिवार को अंतिम विदाई दी गई। शहीद भागीरथ सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग उमड़े। शहीद के 3 वर्षीय बेटे विनय ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी तो कोई आंसू नहीं रोक पाया। लोगों ने शहीद भागीरथ और भारत जिन्दाबाद के नारों से आसमां गूंजा दिया। केन्दीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान सरकार की मंत्री ममता भूपेश भी शहीद भागीरथ के घर पहुंचीं।

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English summary
Jeetram gurjar Funeral in sundrawali Village of Bharatpur Rajasthan
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